Iran-US Tensions: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार (14 जनवरी) को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की। जयशंकर ने बताया कि उन्हें ईरान के विदेश मंत्री सैयद अराघची का फोन आया था। दोनों ने ईरान और उसके आसपास की बदलती स्थिति पर चर्चा की। जयशंकर ने यह जानकारी सोशल मीडिया साइट X पर एक छोटी सी पोस्ट में शेयर की। अराघची ने मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलट्टी से भी फोन पर बात की।
इस दौरान उनसे क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की। यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब आशंका जताई जा रही है कि अमेरिका कभी भी ईरान पर हमला हो सकता है।ईरान में बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। मानवाधिकार समूहों का कहना है कि ईरानी अधिकारियों की कड़ी कार्रवाई के बीच मरने वालों की संख्या 2,500 से अधिक हो गई है। भारत ने बुधवार को ईरान में रह रहे अपने सभी नागरिकों से उपलब्ध साधनों के जरिए उस देश से निकलने और वहां की यात्रा से बचने को कहा है।
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब तेहरान में जारी राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों पर संभावित अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप को लेकर तनाव बढ़ रहा है। ईरान में भारतीय दूतावास ने एक नया एडवाइजरी जारी करते हुए बदलते हालात के मद्देनजर छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों समेत वहां मौजूद भारतीय नागरिकों को कमर्शियल फ्लाइट्स सहित परिवहन के उपलब्ध साधनों का इस्तेमाल करके देश छोड़ने को कहा है।
अनुमान के अनुसार, ईरान में फिलहाल लगभग 10,000 भारतीय रह रहे हैं, जिनमें छात्र भी शामिल हैं। दूतावास ने सभी भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों को सावधानी बरतने, विरोध प्रदर्शनों या रैलियों वाले क्षेत्रों से बचने और भारतीय दूतावास के संपर्क में रहने को कहा है।
ईरानी करेंसी रियाल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिरने के बाद पिछले महीने तेहरान में प्रदर्शन शुरू हुए। तब से ये प्रदर्शन सभी 31 प्रांतों में फैल चुके हैं। आर्थिक संकट के खिलाफ आंदोलन से शुरू होकर राजनीतिक परिवर्तन की मांग में तब्दील हो गए हैं।
ईरान के विदेश मंत्री ने कहा है कि उनकी सरकार किसी भी विदेशी दखल या दुर्भावनापूर्ण हरकत के खिलाफ दृढ़ता से जवाब देगी। ईरान से बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने कतर स्थित अपने सबसे बड़े एयरबेस से सैकड़ों सैनिकों को निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे पहले, ईरान ने अपने परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमलों के जवाब में दोहा एयरबेस पर मिसाइलें दागी थी।