'शायद मैं भी मारा जाऊं...', ट्रंप का सनसनीखेज दावा, बोले- ईरान की 'किल लिस्ट' में मेरा नाम सबसे ऊपर

Donald Trump Iran Kill List Claim: नाटो सम्मेलन में ट्रंप ने कहा, शायद मैं भी मारा जाऊं, क्योंकि मैं उनका नंबर वन टारगेट हूं। मैं उनका नंबर वन टारगेट इसलिए हूं क्योंकि वे कचरा हैं। वे पिछले 47 सालों से ऐसे ही काम कर रहे हैं, लेकिन मैं वही कर रहा हूँ जो मेरे देश और पूरी दुनिया के लिए सही है।' हालांकि, ट्रंप ने ईरान की इस कथित 'किल लिस्ट' को लेकर कोई पुख्ता सबूत या विस्तृत जानकारी मीडिया से साझा नहीं की

अपडेटेड Jul 09, 2026 पर 12:17 PM
इस तनाव के बीच ट्रंप के विमान को लेकर एक और बेहद रहस्यमयी घटना सामने आई है

Donald Trump Iran Kill List Claim: अमेरिका और ईरान के बीच जारी भीषण सैन्य टकराव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बेहद चौंकाने वाला दावा किया है। तुर्की में चल रहे नाटो (NATO) समिट के दौरान ट्रंप ने साफ-शब्दों में कहा कि वे इस समय ईरान की 'किल लिस्ट' में नंबर वन टारगेट हैं। यही नहीं, ट्रंप ने यहां तक कह दिया, 'शायद मैं भी मारा जाऊं!'

इसके साथ ही ट्रंप ने ईरान के नए इस्लामिक शासन को खुली धमकी देते हुए कहा कि अगर उन्होंने लड़ना जारी रखा, तो उनका हश्र भी पिछले ईरानी नेताओं जैसा ही होगा जो अब इस दुनिया में नहीं हैं।

'वे कचरा हैं...' ट्रंप ने किया अमेरिकी बमबारी का बचाव


नाटो सम्मेलन में पत्रकारों से बात करते हुए डोनाल्ड ट्रंप अपने चिर-परिचित आक्रामक अंदाज में नजर आए। उन्होंने ईरान पर हो रहे अमेरिकी हमलों का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा, 'उनके पहले वाले नेता चले गए। फिर दूसरे आए, वे भी चले गए। अब उनके पास नए नेताओं का एक और सेट है। वे भी कब चले जाएंगे, किसे पता! और जानते हो क्या? शायद मैं भी मारा जाऊं, क्योंकि मैं उनका नंबर वन टारगेट हूं। मैं उनका नंबर वन टारगेट इसलिए हूं क्योंकि वे कचरा हैं। वे पिछले 47 सालों से ऐसे ही काम कर रहे हैं, लेकिन मैं वही कर रहा हूँ जो मेरे देश और पूरी दुनिया के लिए सही है।'

हालांकि, ट्रंप ने ईरान की इस कथित 'किल लिस्ट' को लेकर कोई पुख्ता सबूत या विस्तृत जानकारी मीडिया से साझा नहीं की।

प्लेन क्रैश या हत्या का डर? ऐन वक्त पर बदला राष्ट्रपति का विमान

इस तनाव के बीच एक और बेहद रहस्यमयी घटना सामने आई है। नाटो समिट से वाशिंगटन लौटने के लिए ट्रंप ने ऐन वक्त पर कतर द्वारा गिफ्ट में दिए गए अपने बिल्कुल नए 'एयर फोर्स वन' विमान को छोड़ दिया और पुराने राष्ट्रपति विमान से सफर किया।

द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी खुफिया एजेंसी 'सीक्रेट सर्विस' की गुजारिश पर सुरक्षा कारणों के चलते आखिरी समय में यह विमान बदला गया था। चूंकि तुर्की की सीमा ईरान से लगती है और अमेरिका लगातार ईरान पर बमबारी कर रहा है, इसलिए सुरक्षा को लेकर भारी सतर्कता बरती जा रही थी।

जब ट्रंप पुराने एयर फोर्स वन से उड़ान भर रहे थे, तब प्रेस केबिन में मौजूद पत्रकारों को टेक-ऑफ के दौरान विमान की खिड़कियों के पर्दे पूरी तरह बंद रखने की सख्त हिदायत दी गई थी, जिसका कोई कारण नहीं बताया गया।

क्या है कतर वाले नए 'एयर फोर्स वन' का विवाद?

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर सफाई देते हुए लिखा कि उन्होंने नया विमान ब्रिटिश एयरबेस पर सैनिकों को देखने और उसका दौरा करने के लिए आगे भेज दिया था। लेकिन इस विमान को लेकर अमेरिका में पहले ही बड़ा विवाद चल रहा है।

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कतर के शाही परिवार ने पिछले साल यह चमचमाता 'Boeing 747-8' विमान ट्रंप को गिफ्ट किया था, जिसका नया रंग लाल, सफेद और नेवी ब्लू है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जल्दबाजी में तैयार किए गए इस नए कतरी विमान में अभी भी वो सुरक्षा और एंटी-मिसाइल फीचर्स नहीं हैं जो अमेरिका के मूल पुराने एयर फोर्स वन में हैं। विदेशी सरकार से करोड़ों डॉलर का विमान तोहफे में लेने पर ट्रंप को कड़े संवैधानिक और सुरक्षा संबंधी विरोध का भी सामना करना पड़ रहा है।

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