अमेरिका-इजरायल और ईरान जंग का आज चौथा दिन है। आज भी दोनों पक्षों की ओर से लगातार बॉम्बिंग हो रही है। जानकारी के मताबिक, दक्षिण-पूर्वी ईरान में एक एयर बेस को निशाना बनाकर किए गए एयरस्ट्राइक मे 10 से ज्यादा ईरानी सैनिकों के मारे जाने की खबर है। वहीं जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान बातचीत करना चाहता है, लेकिन अब इसके लिए बहुत देर हो चुकी है।
जंग के बीच ट्रंप का बड़ा बयान
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पोस्ट में एक ओपिनियन पीस पर कमेंट करते हुए लिखा, 'उनका एयर डिफेंस, एयर फोर्स, नेवी और लीडरशिप खत्म हो गई है। वे बात करना चाहते हैं। मैंने कहा, बहुत देर हो चुकी है!' ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान की सैन्य नेतृत्व क्षमता और उसकी अहम रक्षा ताकत को पूरी तरह कमजोर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अब बातचीत के लिए “बहुत देर हो चुकी है।” यह बयान उन्होंने वॉल स्ट्रीट जर्नल में छपे एक लेख पर प्रतिक्रिया देते हुए दिया। ट्रंप ने लिखा कि ईरान की एयर डिफेंस, एयर फोर्स, नेवी और सैन्य नेतृत्व को बड़ा नुकसान पहुंचा है। उनके अनुसार, अब ईरान बातचीत करना चाहता है, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि समय निकल चुका है।
ईरान को लेकर किया बड़ा दावा
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका के पास बेहद ताकतवर और उन्नत हथियारों की असीम क्षमता है। साथ ही उन्होंने अखबार की रिपोर्टिंग को “गलत और शर्मनाक” बताया। डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान मार्क थिएसेन के एक लेख के जवाब में आया। मार्क थिएसेन एक कॉलमिस्ट और व्हाइट हाउस के पूर्व स्पीच राइटिंग डायरेक्टर रह चुके हैं। अपने कॉलम में उन्होंने लिखा था कि जैसे पूर्व राष्ट्रपति रीगन ने बिना जमीनी सैनिक भेजे वैश्विक हालात बदले थे, वैसे ही ट्रंप ने भी ऐसा रास्ता खोज लिया है।
सोमवार को व्हाइट हाउस से बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ अभियान की शुरुआत में चार से पांच हफ्तों का अनुमान लगाया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना के पास जरूरत पड़ने पर इससे कहीं अधिक समय तक कार्रवाई जारी रखने की क्षमता है। अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ कार्रवाई करने की वजह बताते हुए कहा कि ईरान अमेरिका और उसके हितों के लिए गंभीर खतरा बन रहा था।