अब ट्रंप ने ईरान पर ऐसा बोल दिया जिससे मच सकता है कोहराम! 'दुनिया के किसी भी कोने में हो, नहीं छोड़ेंगे'

Trump Sanctions Iran Illicit Oil Trade: ट्रंप के इस नए एक्शन से साफ हो गया है कि वे ईरान को रत्ती भर भी ढील देने के मूड में नहीं हैं। अब देखना यह होगा कि इस 'आर्थिक गुस्से' के बाद क्या ईरान शांति समझौते की मेज पर टिकेगा या फिर खाड़ी देशों में बारूद की गर्मी और ज्यादा सुलग उठेगी

अपडेटेड May 29, 2026 पर 11:10 AM
Story continues below Advertisement
ट्रंप प्रशासन ने ईरान के तेल व्यापार से जुड़े वैश्विक नेटवर्क पर अब तक का सबसे बड़ा हंटर चलाया है

US Iran Oil Trade Sanctions: मिडिल ईस्ट में शांति समझौते की खबरों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा कदम उठाया है जिसने पूरी दुनिया के तेल बाजार में खलबली मचा दी है। ट्रंप प्रशासन ने ईरान के तेल व्यापार से जुड़े वैश्विक नेटवर्क पर अब तक का सबसे बड़ा हंटर चलाया है।

वाशिंगटन ने सख्त लहजे में दुनिया भर की कंपनियों, व्यापारियों और शिपिंग नेटवर्कों को चेतावनी दी है कि 'अगर किसी ने भी ईरान के सैन्य तंत्र को फंडिंग पहुंचाने के लिए अवैध तेल व्यापार में मदद की, तो अमेरिका दुनिया के किसी भी कोने में कार्रवाई करने से नहीं हिचकिचाएगा'।

एक तरफ जहां दोनों देशों के बीच सीजफायर बढ़ाने की कूटनीतिक बातचीत चल रही है, वहीं दूसरी तरफ ट्रंप प्रशासन ने ईरान की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह घुटनों पर लाने के लिए 'इकोनॉमिक फ्यूरी' अभियान के तहत प्रतिबंधों की एक और विनाशकारी सुनामी ला दी है।


ईरान के 'शैडो ऑयल इकोनॉमी' पर सीधा प्रहार

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि ये नए और कड़े प्रतिबंध ईरान की 'शैडो ऑयल अंकोंमी' को पूरी तरह तबाह करने के लिए लगाए गए हैं।

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने 'X' पर लिखा कि इन प्रतिबंधों का मकसद ईरान के उस 'डार्क फ्लीट' यानी अवैध जहाजी बेड़े को रोकना है जो चोरी-छिपे ग्लोबल मार्केट में कच्चा तेल बेचता है। इससे ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और उसके प्रॉक्सी संगठनों को मिलने वाली अरबों डॉलर की फंडिंग तुरंत रुक जाएगी।

अमेरिका का दावा है कि यह कार्रवाई ईरान के सैन्य तंत्र और उसके वैश्विक आतंक के नेटवर्क को मिलने वाली वित्तीय लाइफलाइन को काटने के लिए की गई है।

कौन-कौन आया ट्रंप की रडार पर? 

वाशिंगटन ने इस बार बेहद सटीक और आक्रामक कार्रवाई करते हुए सीधे उन मोहरों को निशाना बनाया है जो पर्दे के पीछे से ईरान का खेल चला रहे थे:

8 जहाजों और 8 कंपनियों पर ताला: अमेरिका ने ईरान के पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स को ढोने वाले 8 बड़े जहाजों को 'ब्लॉक प्रॉपर्टी' घोषित कर दिया है। इसके साथ ही इससे जुड़ी 8 कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।

इन बड़े जहाजों पर चली कैंची: ब्लैकलिस्ट किए गए जहाजों में मार्शल आइलैंड्स का झंडा लगाने वाला टैंकर 'फ्लोरा' (Flora), कोमोरोस के झंडे वाला क्रूड ऑयल टैंकर 'हुआनकायो' (Hauncayo) और पनामा का टैंकर 'इल गैप' (Ill Gap) प्रमुख रूप से शामिल हैं।

हांगकांग का सीक्रेट नेटवर्क ध्वस्त: अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने एक कार्रवाई में हांगकांग स्थित एक विशाल तेल बिक्री नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस नेटवर्क पर आरोप है कि इसने अरबों डॉलर की कीमत वाले करोड़ों बैरल ईरानी तेल को अवैध रूप से ठिकाने लगाया और सीधे ईरान की सेना व IRGC की तिजोरी को भरा।

'डील की तो भुगतना होगा बुरा अंजाम'

ट्रंप प्रशासन की यह चेतावनी केवल ईरान के लिए नहीं, बल्कि चीन और भारत समेत दुनिया के उन सभी देशों और व्यापारियों के लिए है जो किसी भी रूप में ईरानी तेल या पेट्रोकेमिकल्स की ट्रेडिंग में शामिल हैं।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में बिल्कुल सख्त लहजे में कहा, 'कोई भी इकाई जो ईरान के अवैध तेल व्यापार में सहयोग कर रही है या ईरानी ऊर्जा उत्पादों का व्यापार कर रही है, वह अमेरिकी प्रतिबंधों की सीधी जद में आने का गंभीर जोखिम उठा रही है। हम अपने पड़ोसियों और अपने ही लोगों पर हमला करने की ईरानी सरकार की क्षमता को फंड करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ, कहीं भी कार्रवाई करने से नहीं हिचकिचाएंगे।'

क्या खटाई में पड़ेगी 'होर्मुज' डील?

हैरान करने वाली बात यह है कि यह महा-प्रतिबंध ऐसे समय पर आया है जब अभी कुछ ही घंटे पहले अमेरिका और ईरान के बीच 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को दोबारा खोलने और सीजफायर को 60 दिनों के लिए आगे बढ़ाने का एक अस्थायी समझौता तैयार हुआ है। इस ड्राफ्ट में यह शर्त भी थी कि वाशिंगटन ईरान पर से तेल बिक्री के कुछ प्रतिबंध हटाएगा।

वैसे ट्रंप के इस नए एक्शन से साफ हो गया है कि वे ईरान को रत्ती भर भी ढील देने के मूड में नहीं हैं। अब देखना यह होगा कि इस 'आर्थिक गुस्से' के बाद क्या ईरान शांति समझौते की मेज पर टिकेगा या फिर खाड़ी देशों में बारूद की गर्मी और ज्यादा सुलग उठेगी।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।