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US vs Iran: ईरान को बर्बाद करने की तैयारी! ट्रंप के पास कार्ड्स में अभी हैं इतने इक्के

US vs Iran: अमेरिका और ईरान के बीच जल्द सुलह की बजाय खटास बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप आर्थिक रूप से ईरान पर और दबाव बढ़ाने की बात कह रहे हैं। जानिए कि पहले से ही कई प्रतिबंधों से जूझ रहे ईरान को आर्थिक तौर पर घेरने के लिए अमेरिका के पास और क्या-क्या विकल्प हैं और अमेरिका के लिए ऐसा करना कितना आसान या मुश्किल होगा

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Aug 23, 2026 पर 11:55 AM
US vs Iran: ईरान को बर्बाद करने की तैयारी! ट्रंप के पास कार्ड्स में अभी हैं इतने इक्के
US vs Iran: होर्मुज से आवाजाही लगभग बंद ही है, एविएशन पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं और अब कुछ अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों ने जमीनी रास्ते से भी ईरान के नाकेबंदी की संभावना जताई है।

US vs Iran: अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी धमकी दी है। स्कॉट बेसेंट ने अगले हफ्ते ईरान पर ऐसे प्रतिबंध लगाने की बात कही, जो इससे पहले कभी देखे नहीं गए तो न्यूज एजेंसी रायटर्स के मुताबिक इसके बाद ट्रंप ने भी ईरान पर आर्थिक तौर पर कड़ा झटका देने की बात कही। अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी इसे लेकर सोमवार को भारतीय समय के हिसाब से रात 11:30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं। बता दें कि अमेरिका, यूनाइटेड नेशंस और यूरोपीय यूनियन ने 1970 के दशक के आखिरी से न्यूक्लियर प्रोग्राम, मानवाधिकारों के उल्लघंन और मिलिटेंट ग्रुप को सपोर्ट को लेकर ईरान पर प्रतिबंध लगाए हैं और एसेट्स फ्रीज किए हैं। अभी फरवरी में ईरान से युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिका ने समुद्री, एनर्जी और फाइेंशियल प्रतिबंध और लगा दिए तो साथ ही नौसैनिक नाकेबंदी भी शुरू की।

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) के आंकड़ों के अनुसार ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद से 1,000 से अधिक लोगों, जहाजों और विमानों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। इसके अलावा ईरान से जुड़े करीब $50 हजार करोड़ की क्रिप्टोकरेंसी को फ्रीज किया गया है। अब ईरान ने अमेरिका की नई प्रतिबंध योजनाओं की निंदा की है और कहा है कि इससे उसकी अर्थव्यवस्था पर और दबाव पड़ेगा। एक्सपर्ट्स के मुताबिक ईरान के आर्थिक तौर पर घेरने के लिए ट्रंप के सामने अभी भी कई विकल्प हैं।

चीन की टीपॉट रिफाइनरीज पर प्रतिबंध

चीन की स्वतंत्र रिफाइनरीज यानी कि 'टीपॉट' रिफाइनरीज चीन के कुल रिफाइनिंग क्षमता का करीब एक-चौथाई हिस्सा है और बहुत कम मुनाफे और कभी-कभी घाटे में काम करती हैं। साल 2025 के आंकड़ों के अनुसार ईरान से होने वाले समुद्री तेल निर्यात का 80% से अधिक हिस्सा चीन खरीदता है। एनालिटिक्स फर्म Kpler के मुताबिक इसका बड़ा हिस्सा टीपॉट रिफाइनरीज संभालती हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक अभी अमेरिकी प्रतिबंधों से बड़ी स्वतंत्र रिफाइनरीज को झटका लगा है लेकिन छोटी स्वतंत्र रिफाइनरीज कुछ हद तक इससे सुरक्षित हैं, क्योंकि ये अमेरिकी वित्तीय व्यवस्था से कम ही जुड़ी हैं। अब उन्हें उन सेकंडरी सैंक्शंस के दायरे में लाया जा सकता है, जिनके तहत प्राथमिक प्रतिबंधित देश के साथ कारोबार करने वाली एंटिटीज को भी सजा किया जाता है।

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