Iran vs USA : ईरान में जारी हिंसक प्रदर्शनों के बीच वहां के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका के साथ बातचीत की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि ईरान आपसी सम्मान के आधार पर अमेरिका से बातचीत के लिए तैयार है,लेकिन हालात बिगड़ने पर युद्ध के लिए भी पूरी तरह तैयार रहेगा। अराघची ने आरोप लगाया कि ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के पीछे अमेरिका और इज़राइल की सीधी भूमिका है। वहीं, पिछले 16 दिनों से चल रहे प्रदर्शनों में अब तक 646 लोगों की मौत हो चुकी है और 10,600 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। पश्चिमी मीडिया के मुताबिक मरने वालों में 490 प्रदर्शनकारी और 48 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। ईरान की राजधानी तेहरान से सामने आई तस्वीरों में बड़े पैमाने पर रैली के दौरान विरोध का ज़ोरदार प्रदर्शन देखा गया। इस रैली में प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तस्वीरें जलाईं। रैली के दौरान गुस्से और विरोध का माहौल साफ तौर पर नजर आया।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25% अतिरिक्त टैरिफ का किया एलान
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने का एलान किया है। ट्रूथ सोशल पर ट्रंप ने लिखा है कि अगर कोई देश ईरान के साथ बिजनेस करता है तो उसे अमेरिका के साथ व्यापार करने के लिए 25% टैरिफ चुकाना होगा। ट्रंप ने इसे 'तत्काल प्रभाव' से लागू करने का एलान किया है। ट्रंप का ये फैसला ईरान के बड़े ट्रेड पार्टनर्स रुस,चीन,ब्राजील और तुर्किए जैसे देशों को प्रभावित करेगा। ये कदम ईरान में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों और प्रदर्शनकारियों पर की जा रही कथित हिंसक कार्रवाई के जवाब में उठाया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान में पिछले दो हफ्तों से चल रहे प्रदर्शनों में 600 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। ट्रंप प्रशासन का मकसद ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है ताकि वहां की सरकार को घुटनों पर लाया जा सके। हाल में ट्रंप ने ईरान को बातचीत की पेशकश के साथ-साथ सैनिक कार्रवाई की धमकी भी दी है।