'हमें रोका तो हम गोली चला देंगे...', ईरान ने अमेरिका को दी सीधी चेतावनी; होर्मुज में बढ़ी जंग की आहट

Iran-US Tensions: ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अमेरिका के 'मैक्सिमम प्रेशर' का जवाब उसी की भाषा में देगा। गालिबाफ के अनुसार, होर्मुज का जलडमरूमध्य ईरान के नियंत्रण में है। अगर ईरान के तेल निर्यात को रोका गया, तो वे इस रास्ते को दुनिया के लिए बंद कर देंगे

अपडेटेड Apr 19, 2026 पर 7:42 AM
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ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपने संवर्धित यूरेनियम को अमेरिका या किसी और देश को नहीं सौंपेगा

Mohammad Bagher Ghalibaf: होर्मुज को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी अब 'सीधी गोलीबारी' की धमकी तक पहुंच गई है। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी खत्म नहीं की, तो ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होने वाली तमाम आवाजाही को पूरी तरह रोक देगा। गालिबाफ ने साफ कहा, 'यह असंभव है कि ईरान खुद उस रास्ते का इस्तेमाल न कर पाए और बाकी दुनिया वहां से आराम से गुजरती रहे।'

'हम गोलीबारी कर देंगे'

गालिबाफ ने हाल ही में हुई एक खतरनाक घटना का जिक्र किया, जिसने दोनों देशों को युद्ध के मुहाने पर खड़ा कर दिया था। गालिबाफ ने बताया कि इस्लामाबाद में हुई बातचीत के दौरान उन्होंने अमेरिकी अधिकारियों को सीधी चेतावनी दी थी कि वे अपने माइनस्वीपर यानी बारूदी सुरंग हटाने वाला जहाज को पीछे हटा लें। उन्होंने कहा कि, अगर यह जहाज अपनी तय सीमा से एक इंच भी आगे बढ़ा, तो ईरानी सेना सीधे गोली चला देगी।'


इस धमकी के बाद अमेरिकी पक्ष ने समय मांगा और अपने जहाज को पीछे हटा लिया। ईरान ने अमेरिकी माइन-क्लीयरिंग गतिविधि को 'युद्धविराम का उल्लंघन' करार दिया है।

नाकेबंदी के बदले नाकेबंदी, ईरान का 'चोकहोल्ड' प्लान

ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अमेरिका के 'मैक्सिमम प्रेशर' का जवाब उसी की भाषा में देगा। गालिबाफ के अनुसार, होर्मुज का जलडमरूमध्य ईरान के नियंत्रण में है। अगर ईरान के तेल निर्यात को रोका गया, तो वे इस रास्ते को दुनिया के लिए बंद कर देंगे। उन्होंने अमेरिकी कदम को 'मूर्खतापूर्ण' बताते हुए कहा कि तेहरान की सेना किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

परमाणु डील पर गतिरोध जारी

एक तरफ समुद्र में तनाव है, तो दूसरी तरफ कूटनीतिक मोर्चे पर भी पेंच फंसा हुआ है। ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने कहा कि अमेरिका की मांगें 'अत्यधिक' हैं, जिन्हें ईरान कभी स्वीकार नहीं करेगा। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपने संवर्धित यूरेनियम को अमेरिका या किसी और देश को नहीं सौंपेगा। उन्होंने इस प्रस्ताव को शुरुआत में ही खारिज कर दिया है।

युद्ध में अब तक 3,400 से ज्यादा मौतें

ईरानी अधिकारियों ने इस संघर्ष में हुए नुकसान के ताजा आंकड़े भी जारी किए हैं। ईरान के 'फाउंडेशन ऑफ मार्टियर्स' के अनुसार, अमेरिका और इजरायल के हमलों में अब तक कम से कम 3,468 लोग मारे जा चुके हैं। गालिबाफ ने दावा किया कि अमेरिका ईरान की मिसाइल और हवाई क्षमता को कमजोर करने में नाकाम रहा है और जीत केवल संसाधनों से नहीं, बल्कि सही रणनीति से मिलती है।

अब आगे क्या?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है। अगर यहां कोई भी बड़ी रुकावट आती है, तो पूरी दुनिया में तेल की कीमतें रातों-रात आसमान छू सकती हैं।गालिबाफ ने बातचीत को भी 'संघर्ष का एक तरीका' बताया है, जिसका इस्तेमाल वे अपनी मांगों को मनवाने के लिए कर रहे हैं। ईरान ने युद्धविराम की शर्तों में लेबनान और हिजबुल्लाह को भी शामिल करने की बात कही है, जिससे यह पूरा विवाद अब क्षेत्रीय रूप ले चुका है।

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