शुरू हो गई भीषण जंग! ईरान ने कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर किया बड़ा हमला, ड्रोन और मिसाइलों से थर्राया मिडिल ईस्ट

Iranian Drone Strike Kuwait Airport: एयरपोर्ट पर हुए इस हमले से ठीक पहले ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया था। ईरान ने कुवैत के 'अल सालेम एयर बेस' और बहरीन के 'ईसा एयर बेस' पर मिसाइलों की भारी बौछार की

अपडेटेड Jun 03, 2026 पर 1:49 PM
अमेरिका और ईरान के बीच जारी इस टकराव ने खाड़ी क्षेत्र को भयानक युद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है

Iranian Drones Target Kuwait Airport: मिडिल ईस्ट में जारी जंग अब बेहद भयानक और बेकाबू मोड़ पर पहुंच चुकी है। बुधवार को ईरान ने सारी हदें पार करते हुए कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आत्मघाती ड्रोनों और मिसाइलों से बड़ा हमला बोल दिया। इस भीषण हमले में एयरपोर्ट के पैसेंजर टर्मिनल को भारी नुकसान पहुंचा है और कई लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है। हमले के तुरंत बाद पूरे एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन ठप कर दिया गया है और देश में इमरजेंसी प्लान लागू है।

अमेरिका और ईरान के बीच जारी इस खूनी टकराव ने खाड़ी क्षेत्र को भयानक युद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने इसे ईरान की 'आपराधिक आक्रामकता' करार देते हुए अपनी सेना को हाई अलर्ट पर रहने का आदेश दिया है।

एयरपोर्ट का टर्मिनल-1 तबाह, खून से सना मंजर


कुवैत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के मुताबिक, ईरानी मिसाइलें और ड्रोन सीधे एयरपोर्ट के मुख्य पैसेंजर बिल्डिंग से जाकर टकराए। कुवैती सेना के आधिकारिक प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी ने बताया कि इस ईरानी हमले के कारण एयरपोर्ट की बिल्डिंग को गंभीर नुकसान पहुंचा है।

हमले के वक्त टर्मिनल पर मौजूद कई यात्री मलबे और धमाके की चपेट में आकर घायल हो गए, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

प्रवक्ता ने साफ किया कि कुवैती सशस्त्र बल हर पल की स्थिति पर नजर रख रहे हैं और देश की सुरक्षा व स्थिरता के लिए कोई भी बड़ा कदम उठाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

अमेरिकी मिलिट्री बेस पर भी बरसाए बम, दहशत में खाड़ी के देश

एयरपोर्ट पर हुए इस हमले से ठीक पहले ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया था। ईरान ने कुवैत के 'अल सालेम एयर बेस' (Al Salem Air Base) और बहरीन के 'ईसा एयर बेस' (Isa Air Base) पर मिसाइलों की भारी बौछार की।

हमले के बाद कुवैत और बहरीन के आसमान में एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव हो गए और चारों तरफ हवाई हमले के सायरन गूंजने लगे। बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने नागरिकों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर छिपने की अपील की है।

ईरान का दावा है कि यह हमला फारस की खाड़ी, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और केशम द्वीप (Qeshm Island) के पास अमेरिका की शत्रुतापूर्ण कार्रवाइयों का बदला है।

इस हमले ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे सीजफायर को पूरी तरह मटियामेट कर दिया है। पश्चिम एशिया में शांति बहाली की तमाम कूटनीतिक कोशिशों को इससे गहरा झटका लगा है।

वार्ता टूटने की खबरों पर भड़के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

इन भीषण हमलों के बीच वाशिंगटन से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी बड़ा बयान सामने आया है। ट्रंप ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि तेहरान के साथ अमेरिका की शांति वार्ता पूरी तरह फ्लॉप हो चुकी है।

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'वार्ता टूटने की खबरें पूरी तरह से झूठी, भ्रामक और गलत हैं। हमारे बीच लगातार बातचीत का दौर चल रहा है। हम चार दिन पहले, तीन दिन पहले, दो दिन पहले, कल और आज भी लगातार संपर्क में हैं'।

हालांकि, एक तरफ जहां पर्दे के पीछे बातचीत के दावे किए जा रहे हैं, वहीं समंदर और आसमान में मिसाइलों के इस तांडव ने दुनिया भर के बाजारों और कच्चे तेल की सप्लाई चेन के लिए बड़ा खतरा पैदा कर दिया है।

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