US Hellfire Strike on Iran Bound Tanker: मिडिल ईस्ट के सुलगते समंदर से इस वक्त की सबसे सनसनीखेज और दहला देने वाली खबर सामने आ रही है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने एक ऐसा खौफनाक वीडियो जारी किया है, जिसने पूरी दुनिया में हड़कंप मचा दिया है। इस वीडियो में अमेरिकी फाइटर जेट ईरान के खर्ग द्वीप की ओर बढ़ रहे एक विशाल तेल टैंकर के परखच्चे उड़ाते हुए साफ नजर आ रहे हैं।
अमेरिका ने इस टैंकर को रोकने के लिए अपनी सबसे खतरनाक और अचूक 'हेलफायर मिसाइल' (Hellfire Missile) का इस्तेमाल किया है। इस लाइव फुटेज के सामने आने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच पहले से जारी तनाव अब सीधे युद्ध के मुहाने पर पहुंच गया है।
24 घंटे की चेतावनी और इंजन रूम पर सीधा वार!
अमेरिकी सेना द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, बोत्सवाना के झंडे वाला एक कमर्शियल तेल टैंकर 'एम/टी लेक्सी' (M/T Lexie) ईरान के खर्ग द्वीप बंदरगाह की तरफ बढ़ रहा था।
अमेरिकी नौसेना ने इस टैंकर को रोकने और रास्ता बदलने के लिए लगातार 24 घंटे तक कई रेडियो चेतावनियां दीं, लेकिन टैंकर ने अमेरिकी आदेशों को ठेंगे पर रख दिया और अपनी रफ्तार बढ़ाता रहा।
जब टैंकर ईरानी समुद्री सीमा के बिल्कुल करीब पहुंच गया, तो अमेरिकी विमान ने उड़ान भरी और सीधे टैंकर के इंजन रूम पर सटीक निशाना साधते हुए 'हेलफायर मिसाइल' दाग दी। इस जोरदार धमाके के बाद टैंकर समुद्र के बीच ही पंगु होकर रुक गया और ईरान के पोर्ट तक नहीं पहुंच सका। राहत की बात यह रही कि हमले के वक्त यह टैंकर खाली था।
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी इस हमले का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर रीपोस्ट करते हुए ईरान को सख्त संदेश दिया है।
120 से ज्यादा जहाजों पर अमेरिका का 'कब्जा'
अमेरिका ने 13 अप्रैल से ईरान के सभी बंदरगाहों की सख्त समुद्री नाकेबंदी कर रखी है। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि इस नाकेबंदी के तहत अब तक 120 से ज्यादा कमर्शियल जहाजों के रास्ते जबरन बदले जा चुके हैं, जबकि नियमों का उल्लंघन करने वाले कई अन्य जहाजों को इसी तरह मिसाइल हमलों से तबाह किया जा चुका है।
ईरान का खूनी पलटवार- अमेरिकी जहाज पर दागीं दो मिसाइलें!
अमेरिका के इस एक्शन के जवाब में ईरान के 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' ने भी तुरंत खूनी बदला लिया है। भूमध्यसागरीय शिपिंग कंपनी (MSC) के एक कंटेनर जहाज 'सारिस्का वी' (Sariska V) पर इराक के उम्म कास्र पोर्ट पर ईरान समर्थित ताकतों ने दो मिसाइलें दाग दीं। यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने भी इस हमले की पुष्टि की है।
IRGC ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए सीना ठोककर कहा कि यह जहाज अमेरिका से जुड़ा हुआ था और यह ओमान के पास ईरानी जहाज पर हुए हमले का सीधा बदला है।
हालांकि, जहाज की मालिक कंपनी MSC ने ईरान के दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा, 'यह हमला पूरी तरह से नाजायज है। हमारी कंपनी स्विट्जरलैंड की है और इसके मालिक इटली के नागरिक हैं। हमारा अमेरिका या इजराइल से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है'।
महाविनाश का केंद्र बना होर्मुज
दुनिया के 20% तेल की सप्लाई करने वाला 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' अब अमेरिका और ईरान के बीच महायुद्ध का अखाड़ा बन चुका है। पाकिस्तान की मध्यस्थता में दोनों देशों के बीच पर्दे के पीछे शांति और सीजफायर को लेकर बातचीत चल रही थी। लेकिन इस ताजा मिसाइल हमले ने शांति वार्ता को लगभग दफन कर दिया है। अमेरिका जहां समुद्री रास्तों की आजादी और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह बंद करने की जिद पर अड़ा है, वहीं ईरान मिसाइल और ड्रोन हमलों से अमेरिकी दादागिरी को कुचलने का दावा कर रहा है।