बिना हिजाब गाना गाने पर ईरान की सिंगर को 74 कोड़ों की सजा!

रिपोर्ट के अनुसार, साल 2024 में यूट्यूब पर लाइव स्ट्रीम किए गए एक ऑनलाइन कॉन्सर्ट को लेकर यह कार्रवाई की गई। इस कॉन्सर्ट में परस्तू अहमदी बिना हिजाब नजर आई थीं, जिसके बाद ईरानी अधिकारियों ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था। अदालत में कलाकारों पर "अश्लील और अनैतिक कंटेंट" बनाने और साझा करने का आरोप लगाया गया

अपडेटेड Jun 20, 2026 पर 1:59 PM
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बिना हिजाब गाना गाने पर ईरान की सिंगर परस्तू अहमदी को 74 कोड़ों की सजा!

ईरान की गायिका परस्तू अहमदी (Parastoo Ahmadi) को कथित तौर पर बिना हिजाब ऑनलाइन कॉन्सर्ट करने के मामले में 74 कोड़ों की सजा सुनाई गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह सजा उनके साथ काम करने वाले आठ अन्य लोगों पर भी लागू की गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, साल 2024 में यूट्यूब पर लाइव स्ट्रीम किए गए एक ऑनलाइन कॉन्सर्ट को लेकर यह कार्रवाई की गई। इस कॉन्सर्ट में परस्तू अहमदी बिना हिजाब नजर आई थीं, जिसके बाद ईरानी अधिकारियों ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था।

बताया जा रहा है कि ईरान के कोम प्रांत की एक अदालत ने गायिका और उनकी टीम को 74 कोड़े मारने की सजा सुनाने के साथ-साथ दो साल तक देश छोड़ने पर रोक और दो साल तक किसी भी आर्टि एक्टिविटी में हिस्सा लेने पर प्रतिबंध भी लगाया है।


क्या था आरोप?

अदालत में कलाकारों पर "अश्लील और अनैतिक कंटेंट" बनाने और साझा करने का आरोप लगाया गया। अधिकारियों का कहना था कि इस कंटेंट ने सार्वजनिक शालीनता का उल्लंघन किया है।

हालांकि, अभी तक ईरान की न्यायपालिका की ओर से इस फैसले को आधिकारिक रूप से सार्वजनिक नहीं किया गया है। यह जानकारी अदालत के कथित दस्तावेजों और मानवाधिकार संगठनों द्वारा सामने लाई गई है।

मानवाधिकार संगठनों ने जताई नाराजगी

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इस सजा की कड़ी आलोचना की है। उनका कहना है कि सिर्फ गाना गाने और बिना हिजाब दिखाई देने के लिए किसी कलाकार को कोड़ों की सजा देना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है।

पत्रकार मसीह अलीनेजाद ने कहा कि यह घटना दिखाती है कि ईरानी शासन महिलाओं की आवाज को भी खतरे के रूप में देखता है। वहीं कई मानवाधिकार विशेषज्ञों का दावा है कि ईरानी कानून में महिलाओं के गाने गाने या संगीत बनाने को अपराध नहीं माना गया है।

कैसे शुरू हुआ विवाद?

विवाद दिसंबर 2024 में शुरू हुआ था, जब परस्तू अहमदी ने देशभक्ति गीत "Az Khoone Javanane Vatan" का ऑनलाइन प्रदर्शन किया था। इस दौरान वह बिना हिजाब के नजर आईं और चार पुरुष संगीतकारों के साथ मंच साझा कर रही थीं।

काले रंग की स्लीवलेस ड्रेस में किए गए इस प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया और यूट्यूब पर तेजी से वायरल हो गया था। वीडियो को लाखों लोगों ने देखा।

कॉन्सर्ट के कुछ समय बाद अहमदी और उनके कुछ साथी कलाकारों को हिरासत में लिया गया था। हालांकि बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया, लेकिन वीडियो प्रकाशित करने के आरोप में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रही।

क्यों चर्चा में है मामला?

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब ईरान में महिलाओं के अधिकार, हिजाब नियमों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर लगातार बहस चल रही है। आलोचकों का कहना है कि सरकार सांस्कृतिक और कलात्मक विरोध को दबाने के लिए सख्त कदम उठा रही है, जबकि समर्थक इसे देश के सामाजिक और धार्मिक नियमों को लागू करने की कार्रवाई बताते हैं।

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