Dawood Ibrahim : भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अब अपने चरम पर पहुंच गया। भारतीय सेना के द्वारा आतंकियों के खिलाफ किए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। वहीं भारत पर पलटवार करने की तमाम कोशिशों के बाद भी उसे मुंह की खानी पड़ी है। भारत की कार्रवाई पर पाकिस्तान में खलबली सी मच गई है। भारत के आतंकियों के खिलाफ 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद भारत के सबसे वांछित आतंकवादी दाऊद इब्राहीम के ठिकाने को लेकर फिर से सवाल उठ रहे हैं।
कहीं और भागा दाऊद इब्राहिम!
क्या वह अब भी कराची के क्लिफ्टन इलाके में छिपा हुआ है या फिर उसे किसी और ज्यादा सुरक्षित जगह पर ले जाया गया है? इस पर भारत की नजर लगातार उस पर बनी हुई है।
दुनियाभर की एजेंसियां पहले ही दाऊद इब्राहीम को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित कर चुकी हैं। इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है, अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने उसे वैश्विक आतंकवादी बताया है और 2003 में संयुक्त राष्ट्र ने भी उसे आतंकवादी घोषित किया था। इन सबके चलते अब दाऊद के लिए पाकिस्तान से बाहर जाने की कोई जगह नहीं बची है।
कराची से शिफ्ट हुआ दाउद का परिवार
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने दाऊद इब्राहिम और उसके परिवार को कराची से हटाकर पाकिस्तान के किसी और सुरक्षित स्थान पर भेज दिया है। यह कदम भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए उठाया गया है। दाऊद 2001 से कराची में रह रहा था। चूंकि भारतीय सेना लगातार आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर रही है, इसलिए आशंका जताई जा रही है कि अगर दाऊद वहीं रहा तो वह भी निशाना बन सकता है। बताया जाता है कि भारतीय एजेंसियों ने दाऊद को खत्म करने के तीन प्रयास पहले भी किए हैं, लेकिन वे सफल नहीं हो सके।
दाऊद इब्राहिम 1986 में भारत से भागकर दुबई चला गया था। वहां उसने 'व्हाइट हाउस' नाम का एक बंगला खरीदा और वहीं से अपने आपराधिक गिरोह का संचालन करता रहा। मुंबई में 12 मार्च 1993 को हुए बम धमाकों की योजना भी इसी बंगले में बनाई गई थी, जहां उसकी मुलाकात टाइगर मेमन और उसके सहयोगियों से हुई थी। इन धमाकों के बाद भारत सरकार ने दाऊद को आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित कर दिया। इसके बावजूद वह कई वर्षों तक दुबई और कराची के बीच आता-जाता रहा।