Israel Iran Attack: ईरान की राजधानी तेहरान पर हमले के बाद इजरायल-ईरान (Israel Iran Tension) में जंग के हालात पैदा हो गए हैं। इजरायल ने अपने ऑपरेशन का को 'Lion's Roar' यानी 'शेर की दहाड़' नाम दिया है। वहीं इन हमलों के बाद ईरान ने भी मध्य पूर्व में स्थित अमेरिका के 7 सैन्य अड्डों पर बैलेस्टिक मिसाइलों से हमला किया है। ईरान ने सऊदी अरब, जॉर्डन, बहरीन, कुवैत, कतर, UAE में स्थित अमेरिकी नौसैनिक अड्डों पर हमला किया है।
खाली कराया गया बुर्ज खलीफा
शनिवार को दुबई में दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा को एहतियात के तौर पर खाली कराए जाने की खबर सामने आई। यह कदम उस समय उठाया गया जब ईरान ने अपनी जमीन पर हुए अमेरिकी और इजराइली हमलों के जवाब में संयुक्त अरब अमीरात की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी सेना ने अल-धफरा एयर बेस को निशाना बनाया, जहां अमेरिकी सेना तैनात हैं। इस दौरान अबू धाबी और दुबई दोनों शहरों में कई तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं। दुबई में मौजूद लोगों ने भी एक जोरदार विस्फोट की आवाज सुनने की बात कही। हालांकि, अधिकारियों ने तुरंत यह स्पष्ट नहीं किया कि धमाका मिसाइल हमले, एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा मिसाइल रोकने की कार्रवाई या फिर गिरते मलबे की वजह से हुआ था।
अमेरिकी मिलिट्री बेस को बनाया निशाना
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने इस हमले को क्षेत्र में तनाव बढ़ाने वाला और “कायरतापूर्ण कदम” बताया है। देश ने इसे अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन करार देते हुए कहा कि उसे इस पर जवाब देने का पूरा अधिकार है। ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, UAE स्थित अल-धफरा एयर बेस के अलावा पूरे क्षेत्र में कई अन्य अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी मिसाइलों से निशाना बनाया गया। इनमें कतर का अल-उदीद एयर बेस, कुवैत का अल-सलेम एयर बेस और बहरीन में मौजूद अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट बेस शामिल बताए गए हैं। हमले के बाद UAE ने एहतियात के तौर पर अपना राष्ट्रीय एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा कारणों से हवाई क्षेत्र को कुछ समय के लिए और सीमित स्तर पर बंद रखने का फैसला लिया गया है।
मौजूदा तनावपूर्ण हालात को देखते हुए लुफ्थांसा, केएलएम, एयर फ्रांस और एयर इंडिया जैसी कई बड़ी अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने दुबई, अबू धाबी और मध्य पूर्व के अन्य शहरों के लिए अपनी कई उड़ानें रद्द या अस्थायी रूप से निलंबित कर दी हैं। फ्लाइट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म Flightradar24 के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका और इजरायल द्वारा पहले किए गए हमलों के बाद ईरान के हवाई क्षेत्र में उड़ानों की आवाजाही भी काफी कम हो गई थी। मौजूदा संघर्ष के कारण UAE के सीधे बड़े सैन्य टकराव में शामिल होने का खतरा बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी स्थिति देश की अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है, क्योंकि UAE का आर्थिक मॉडल काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय व्यापार, पर्यटन और वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने पर आधारित है।