Hormuz avoiding route: दुनिया की सबसे बड़ी कंटेनर शिपिंग कंपनी एमएससी मेडिटेरेनियम शिपिंग (MSC Mediterranean Shipping) एक ऐसी योजना पर काम कर रही है, जिससे होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी का असर कम करने में मदद मिलेगी। यह कंपनी एक ऐसी नई सर्विस शुरू करने की योजना बना रही है, जिसमें यूरोप को मिडिल-ईस्ट के अलग-थलग पड़े बंदरगाहों से जोड़ा जाएगा। इसमें हॉर्मुज जलडमरूमध्य यानी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने के बजाय सऊदी अरब के अंदर ट्रकों और पर्शियन गल्फ यानी फारस की खाड़ी में छोटे जहाजों का इस्तेमाल किया जाएगा। कंपनी ने इसके बारे में शनिवार को ऐलान किया।
कब शुरू होगा पहला सफर और क्या है पूरा रूट?
दुनिया की सबसे बड़ी कंटेनर शिपिंग कंपनी ने शनिवार को एक एडवायजरी में कहा कि होर्मुज से बचते हुए पहला सफर 10 मई को शुरू होगा। यह सफर एंटवर्प (Antwerp) से शुरू होगा। इसके रास्ते में जर्मनी, इटली, लिथुआनिया और स्पेन के बंदरगाह भी शामिल होंगे। यह जहाज स्वेज नहर पार करके लाल सागर में प्रवेश करेगी और सऊदी अरब के पश्चिमी तट के दो बंदरगाहों- जेद्दा और किंग अब्दुल्ला पर रुकेगी।
इसके बाद ट्रकों के जरिए मिडिल ईस्ट के पूर्वी तट पर स्थित दम्माम तक माल पहुंचा जाएगा, जहां से फीडर वेसल्स यानी छोटे जहाज अबू धाबी और दुबई के जेबेल अली जैसे प्रमुख समुद्री गेटवे तक माल पहुंचाएंगे। ये दोनों स्थान बड़े इंडस्ट्रियल जोन हैं, जहां सैकड़ों एमएनसी कंटेनर के जरिए माल ढुलाई करती हैं, जो पहले हॉर्मुज के जरिए आसानी से गुजरता था।
जेनेवा की शिपिंग कंपनी एमएससी का कहना है कि यह सर्विस अमेरिका और ईरान के बीच चल रही लड़ाई के बीच मौजूदा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बढ़ती मांग को देखते हुए शुरू किया जा रहा है। सऊदी अरब की राजधानी रियाद से होकर गुजरने वाले जेद्दा से दम्माम तक का रास्ता लगभग 800 मील यानी 1,300 किमी लंबा है। कंपनी के फीडर शिप्स बहरीन, इराक और कुवैत भी पहुंचेंगे।
क्यों पड़ी विकल्प की जरूरत?
28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल और ईरान से लड़ाई के चलते होर्मुज स्ट्रेट में आवाजाही बुरी तरह से प्रभावित है और इसके जल्द सामान्य होने के कोई आसार भी नहीं है। लंबे समय तक बंद रहने के कारण शिपिंग कंपनियों को जमीनी वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिनमें अधिक समय लगता है, लागत अधिक आती है और कार्बन उत्सर्जन भी अधिक होता है। होर्मुज स्ट्रेट के ठीक बाहर ओमान और यूएई के पूर्वी तट पर स्थित बंदरगाहों पर डाइवर्ट किए गए कंटेनर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है जिससे ट्रक कैपिटेसिटी बढ़ाने की जरूरत महसूस होने लगी। हैम्बर्ग की हापाग-लॉयड एजी ने मार्च में कहा था कि सऊदी अरब और ओमान के बीच जमीन के रास्ते माल की आवाजाही के लिए रास्ता बनाया गया है। कोपेनहेगन की एपी मोलर-माएर्स्क ए/एस ने भी इस इलाके में माल ढुलाई के लिए मल्टी-मॉडल "लैंडब्रिज" सॉल्यूशंस का ऐलान किया है।