Iran War: अमेरिका-इजरायल के हमलों में ईरान में अब तक 1,500 लोगों की मौत, सैकड़ों घायल

US-Israel-Iran War News: ईरानी सरकारी मीडिया ने स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से बताया कि ईरान में युद्ध के दौरान 1,500 से अब तक 1500 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। लोगों ने बताया कि जब लोग पवित्र महीने रमजान के खत्म होने का जश्न मना रहे थे, तब ईरान की राजधानी तेहरान में जबरदस्त हवाई हमले हुए

अपडेटेड Mar 22, 2026 पर 12:35 PM
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US-Israel-Iran War News: सरकारी मीडिया के मुताबिक युद्ध में ईरान में मृतकों की संख्या 1,500 के पार पहुंची

US-Israel-Iran War News: अमेरिका और इजरायल की तरफ से हमले शुरू किए जाने के बाद से ईरान में युद्ध के दौरान अब तक 1,500 से अधिक लोग मारे गए हैं। वहीं, इस युद्ध में सैकड़ों लोग घायल हैं, जिनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इस बीच, स्थानीय निवासियों ने कहा कि रमजान समाप्त होने के दौरान ईरान की राजधानी में भारी हवाई हमले हुए। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के चौथे सप्ताह भी जारी रहने के बीच ईरान ने हिंद महासागर में ब्रिटेन-अमेरिका के एक संयुक्त सैन्य अड्डे को निशाना बनाया। फिर ईरान के मुख्य परमाणु केंद्र पर हमला किया गया।

ईरान द्वारा लगभग 4,000 किलोमीटर दूर स्थित डिएगो गार्सिया हवाई अड्डे पर किए गए हमले से यह संकेत मिलता है कि तेहरान के पास ऐसी मिसाइलें हैं जो पहले स्वीकार की गई दूरी से कहीं अधिक दूर तक जा सकती हैं। युद्ध का असर पश्चिम एशिया से भी परे महसूस किया जा रहा है। इस युद्ध के कारण खाद्य पदार्थों एवं ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं।

अभी यह स्पष्ट नहीं है कि 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान को कितना नुकसान हुआ है या वहां कमान वास्तव में किसके हाथ में है। सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई इस भूमिका के लिए नामित किए जाने के बाद से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं।


प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से फोन पर बात की

इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बातचीत की। पीएम ने पश्चिम एशिया में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की निंदा की। उन्होंने तेल टैंकरों की स्वतंत्रता की रक्षा करने और यह सुनिश्चित करने के महत्व को दोहराया कि जहाजरानी मार्ग सुरक्षित रहें।

वार्ता के ईरानी ब्योरे के अनुसार, ईरान के राष्ट्रपति ने विदेशी हस्तक्षेप के बिना क्षेत्र में शांति और स्थिरता लाने के लिए पश्चिम एशियाई देशों को शामिल करते हुए एक क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचा स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। पेजेश्कियन ने भारत से आग्रह किया कि वह ब्रिक्स के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल की शत्रुता को रोकने के लिए अपनी स्वतंत्र भूमिका का लाभ उठाए।

'ब्रिक्स' दुनिया की पांच सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं का एक समूह है। इसके सदस्य देशों में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। वर्ष 2024 में समूह में विस्तार के बाद अब इसके सदस्य देशों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। नए सदस्यों में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।

ब्योरे के अनुसार, राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने उस अमेरिकी दावे को खारिज कर दिया कि अमेरिका ने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए उसके खिलाफ सैन्य हमला शुरू किया था। ब्योरे में कहा गया है कि पेजेश्कियन ने इस बात पर भी जोर दिया कि दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने परमाणु हथियारों का दृढ़ता से विरोध किया था।

ईरान के राष्ट्रपति के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें ईद और नवरोज की शुभकामनाएं दीं। साथ ही आशा जताई कि त्योहार का यह मौसम पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि लाए। पीएम मोदी ने ईरान में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए ईरान के निरंतर समर्थन की भी सराहना की।

मौजूदा संघर्ष शुरू होने के बाद से प्रधानमंत्री मोदी और ईरान के राष्ट्रपति के बीच टेलीफोन पर यह दूसरी बातचीत थी। पश्चिम एशियाई गैस केंद्रों पर नए हमलों को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंताओं के मद्देनजर दोनों नेताओं के बीच यह वार्ता हुई।

ईरान द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र से इतर विश्व नेताओं के साथ संवाद करने के लिए ईरान की निरंतर तत्परता को दोहराया। इसमें तेहरान की शांतिपूर्ण परमाणु गतिविधियों की पुष्टि और निगरानी के लिए वार्ताएं शामिल हैं।

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ईरान की ओर से जारी वार्ता के ब्योरे में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी ने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और फारस की खाड़ी में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया। ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने 12 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी को ईरान की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी थी और क्षेत्र में हाल के घटनाक्रम पर अपना दृष्टिकोण साझा किया था।

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