Israel-US Iran War: अमेरिकी-इजराइली हमलों में ईरान में 787 लोगों की मौत, 165 बच्चों की भी गई जान

Israel-US Attacks Iran: ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी का कहना है कि युद्ध में अब तक अमेरिका-इजरायल के हवाई हमलों में ईरान में कम से कम 787 लोग मारे गए हैं। अमेरिका और इजरायल की तरफ से किए गए हमले के बाद ईरान ने मिडिल ईस्ट में अपने पड़ोसी देशों पर हमले तेज कर दिए हैं

अपडेटेड Mar 03, 2026 पर 3:51 PM
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Israel-US Iran War: अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला बोला दिया। उसके बाद तीनों के बीच संघर्ष जारी

Israel-US Iran War: ईरान के खिलाफ अमेरिकी-इजरायली हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 787 हो गई है। ईरानी रेड क्रीसेंट सोसायटी ने मंगलवार (3 मार्च) को बताया, "इजराइल और अमेरिका के हवाई हमलों में अब तक ईरान में कम से कम 787 लोगों की मौत हुई है।" उसने ‘एक्स’ पर एक संदेश जारी कर मृतक संख्या के बारे में बताया। एक स्कूल पर किए गए अमेरिकी-इजरायली हमले में 165 स्कूली बच्चों की भी मौत हो गई है।

28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका द्वारा तेहरान पर किए गए हवाई हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। इसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई से पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान पर भारी और सटीक बमबारी पूरे सप्ताह या जब तक आवश्यक होगा, तब तक जारी रहेगी।

ईरान ने अपने सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद सोमवार (2 मार्च) को खाड़ी देशों पर मिसाइल हमला तेज कर दिया है। सोमवार सुबह दुबई, दोहा, अबू धाबी और सऊदी अरब के रियाद समेत खाड़ी के कई बड़े शहर धमाकों से दहल उठे।


दक्षिणपूर्वी ईरान में एक एयर बेस को निशाना बनाकर किए गए हवाई हमलों में कम से कम 13 ईरानी सैनिक मारे गए। ईरान की राजधानी तेहरान से 800 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित करमान में अमेरिका-इजरायल ने बमबारी की है। करमान एयर बेस को सैन्य हेलीकॉप्टर रखे जाने के लिए जाना जाता है।

डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को व्हाइट हाउस में आयोजित एक समारोह में ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' को लेकर अत्यंत कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु और मिसाइल ठिकानों को नष्ट करने के लिए यह अब तक का सबसे अच्छा और निर्णायक अवसर है। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ी तो वह खाड़ी में थल सेना भी भेजेंगे।

हालांकि, मंगलवार को कहा कि फिलहाल सेना भेजने की जरूरत नहीं है। ईरानी के साथ युद्ध शुरू होने के बाद अभी तक 6 अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं। जबकि 16 जवानों के घायल होने की पुष्टि हुई है। US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने मंगलवार (3 मार्च) को कहा कि 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' शुरू होने के बाद से मारे गए अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़कर छह हो गई है।

अमेरिका ने कहा है कि मिडिल ईस्ट में अब लड़ाई तेज हो गई है। मंगलवार को मिडिल ईस्ट में जारी लड़ाई और घातक हो गई। खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी दूतावास को ईरान निशाना बना रहा है। इसके बाद अमेरिका ने अपने नागरिकों से इस इलाके के ज्यादातर हिस्से छोड़ने को कहा है। ट्रंप ने मंगलवार को इशारा किया कि ईरान के साथ लड़ाई शुरू में लगाए गए अंदाजे से कहीं ज्यादा लंबी चल सकती है।

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संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ईरान द्वारा हमले की शुरुआत से लेकर अब तक उसकी सेना ने 165 बैलिस्टिक मिसाइलों, दो क्रूज मिसाइलों और 541 ड्रोन के हमलों को झेला है। ईरान में लगभग 10,000 भारतीय नागरिक जबकि इजराइल में 40,000 से अधिक भारतीय नागरिक रहते हैं। खाड़ी देशों और पश्चिम एशिया में रहने वाले भारतीयों की संख्या लगभग 90 लाख है।

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