Israel-US Vs Iran War: अमेरिकी हमलों के बाद ईरान के साथ खुलकर आया चीन, इजरायल से की मिलिट्री ऑपरेशन तुरंत रोकने की अपील

Israel-US Iran War: ईरान में अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों में चीन के एक नागरिक की मौत हो गई है। इसके बाद अब चीन ने अपने दोस्त ईरान का खुलकर समर्थन किया है। चीन ने जोर दिया कि वह युद्धग्रस्त ईरान से सुरक्षित निकलने में लोगों की सहायता कर रहा है

अपडेटेड Mar 03, 2026 पर 1:50 PM
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Israel-US Iran War: चीन ने अमेरिका और इजरायल से ईरान के खिलाफ मिलिट्री ऑपरेशन को रोकने की अपील की है

Israel-US Iran War: चीन ने वेस्ट एशिया में चल रहे महायुद्ध में ईरान का खुलकर समर्थन किया है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने मंगलवार (3 मार्च) को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बात कर तेहरान का सपोर्ट करने का ऐलान किया। वांग ने कहा कि चीन ईरान की सॉवरेनिटी, सिक्योरिटी, टेरिटोरियल इंटीग्रिटी और नेशनल डिग्निटी की रक्षा करने और उसके कानूनी अधिकारों और हितों को बनाए रखने में उसका सपोर्ट करता है। चीनी विदेश मंत्री ने अमेरिका और इजरायल से ईरान पर जारी हमले को तुरंत रोकने की अपील की है।

चीन ने अमेरिका और इजरायल से मिलिट्री ऑपरेशन तुरंत रोकने, युद्ध को और बढ़ने से रोकने एवं लड़ाई को मिडिल ईस्ट में फैलने से रोकने की अपील की है। बता दें कि ईरान ने अब खाड़ी में अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर हमले बढ़ा दिए हैं। सऊदी अरब में मंगलवार सुबह US एम्बेसी पर ईरानी ड्रोन से हमला हुआ। इसके अलावा इराक में धमाके हुए। साथ ही बहरीन में भी सायरन बजने लगे।

चीनी नागरिक की मौत


चीनी विदेश मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि ईरान में अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों में चीन के एक नागरिक की मौत हो गई है। इसके साथ ही उसने जोर दिया कि वह युद्धग्रस्त देश से सुरक्षित निकलने में लोगों की सहायता कर रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने एक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि तेहरान में सैन्य संघर्ष में एक चीनी नागरिक की मौत हो गई।

प्रवक्ता ने कहा, "हम जान गंवाने वाले नागरिक के लिए शोक और शोकसंतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं।" उन्होंने कहा कि ईरान में तनावपूर्ण स्थिति शुरू होने के बाद से विदेश मंत्रालय और ईरान में चीनी दूतावास एवं वाणिज्य दूतावासों ने कई बार अपने नागरिकों से जल्द से जल्द वापस लौटने की अपील की है। साथ ही उनकी सहायता की है।

उन्होंने कहा कि अब तक चीन के 3,000 से अधिक नागरिकों को ईरान से बाहर निकाला जा चुका है।अमेरिका के अन्य राष्ट्रपतियों के कार्यकाल की परंपरा से अलग, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू करने के उद्देश्यों के बारे में देश की जनता को सीधे और सार्वजनिक रूप से जानकारी देने में 48 घंटे से अधिक समय लिया।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को सैन्य नायकों को सम्मानित करने के लिए व्हाइट हाउस (अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) में आयोजित एक समारोह की शुरुआत में हमले शुरू करने के उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी। लेकिन पत्रकारों के सवालों का जवाब नहीं दिया।

हालांकि, दिन में रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन डैन केन ने पेंटागन में प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। पिछले दो दिनों में ट्रंप के पहले से रिकॉर्ड किए दो बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर जारी किए गए। इसके अलावा, उन्होंने ढेरों पत्रकारों को फोन पर इंटरव्यू दिए, जिनमें से कई के जवाब अधूरे थे। इससे लोगों में स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई।

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इस बात को लेकर ट्रंप की काफी आलोचना हुई कि उन्होंने हमलों का मकसद अमेरिकी जनता को स्पष्ट रूप से समझाने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किया। जबकि संघर्ष के दौरान कई अमेरिकी सैनिकों की जानें गई। इसके विपरीत, ईरान के खिलाफ अमेरिका के साथ मिलकर काम कर रहे इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने युद्ध शुरू होने वाले दिन दो बयान दिए। इतना ही नहीं, उन्होंने सोमवार को मिसाइल हमले वाली एक जगह पर पत्रकारों से बातचीत की। इजराइली सेना हर दिन मीडिया को जानकारी दे रही है।

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