West Asia Conflict: ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने मंगलवार (3 मार्च) को तेहरान पर हमला करने को लेकर अमेरिका पर जमकर निशाना साधा। अराघची ने अमेरिका पर इजरायल की तरफ से अपनी मर्जी से जंग में उतरने का आरोप लगाया। अराघची ने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के दावों पर तीखा जवाब दिया। मार्को रुबियो ने ईरान के खिलाफ मिलिट्री एक्शन का बचाव किया है। इसके बाद सोशल मीडिया प्लटेफॉर्म X पर एक पोस्ट में अराघची ने कहा कि रुबियो ने वह माना जो हम सब जानते थे।
उन्होंने कहा कि अमेरिका ने इजरायल की तरफ से अपनी मर्जी से जंग में उतर गया है। जबकि ईरान की तरफ से उसे कभी कोई तथाकथित खतरा नहीं था। अमेरिकियों और ईरानियों दोनों के खून-खराबे के लिए उन्होंने 'इजरायल फर्स्टर्स' को जिम्मेदार ठहराया।
अब्बास अराघची ने X पर लिखा, "मिस्टर रुबियो ने वह बात मानी जो हम सब जानते थे। U.S. ने इज़राइल की तरफ से अपनी मर्ज़ी से जंग लड़ी है। कभी कोई तथाकथित ईरानी 'खतरा' नहीं था। उन्होंने कहा कि इस तरह अमेरिकी और ईरानी दोनों का खून बहाना इजरायल फर्स्टर्स की जिम्मेदारी है। ईरानी विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि अमेरिकी लोग बेहतर के हकदार हैं। उन्हें अपना देश वापस लेना चाहिए।
रुबियो ने सोमवार (2 मार्च) को कहा था कि वॉशिंगटन ने ईरान पर हमला तब किया जब उसे पता चला कि उसका साथी इजरायल कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस बात की चिंता थी कि तेहरान इस इलाके में अमेरिकी सेना के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करेगा।
रुबियो ने पत्रकारों से कहा, "हमें पता था कि इजरायली कार्रवाई होने वाली है। हमें पता था कि इससे अमेरिकी सेना पर हमला होगा। हमें पता था कि अगर हम उन हमलों से पहले उन पर हमला नहीं करते, तो हमें ज्यादा नुकसान होता।"
ईरान पर हमले तेज करने के बीच अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सोमवार को सुरक्षा जोखिमों के कारण 12 से अधिक पश्चिम एशियाई देशों से अपने नागरिकों को बाहर निकलने की सलाह दी। मार्को रुबियो ने पत्रकारों से कहा, "अमेरिकी सेना की ओर से सबसे कड़े हमले अभी बाकी हैं। अगला चरण ईरान के लिए वर्तमान स्थिति से भी अधिक कठोर और दंडात्मक होगा।"
हिंसा के और बढ़ने की आशंका के बीच विदेश मंत्रालय ने सुरक्षा जोखिमों के कारण 12 से अधिक पश्चिम एशियाई देशों से अपने नागरिकों को बाहर निकलने की सलाह दी। इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर हमले तेज कर दिए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह अभियान संभवत: कई सप्ताह तक चल सकता है।
ईरान और उसके सहयोगियों ने इजरायल, खाड़ी देशों और विश्व के प्रमुख ऑयल रिफाइनरी से जुड़े अहम ठिकानों पर जवाबी हमले किए हैं। हमलों की तीव्रता ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या और हालात को स्थिर करने की कोई स्पष्ट योजना न होने से इस संघर्ष के लंबा खिंचने की आशंका है।