Israel-US Iran War: 'कभी न खत्म होने वाला युद्ध नहीं होगा'; नेतन्याहू ने ईरान को दी धमकी, इजरायली पीएम ने की ट्रंप की तारीफ

Israel-US Iran War:इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मगलवार (3 मार्च) को कहा कि ईरान के खिलाफ मिलिट्री कैंपेन शांति का रास्ता है, न कि कभी न खत्म होने वाला युद्ध...। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मिलकर की गई कार्रवाई से बड़े पैमाने पर क्षेत्रीय स्थिरता और और शांति समझौतों का रास्ता खुलेगा

अपडेटेड Mar 03, 2026 पर 10:10 AM
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Israel-US Iran War: बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान पर नए सिरे से हमला करने की धमकी दी है

Israel-US Iran War: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार (3 मार्च) को कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी-इजरायली हमले अब पहले तेज और निर्णायक होंगे। नेतन्याहू ने जोर देकर कहा कि यह कभी न खत्म होने वाला युद्ध नहीं है। बल्कि मिडिल ईस्ट में लंबे समय की शांति के लिए एक जरूरी कदम है। 28 फरवरी को US-इजरायली हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत और खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों पर तेहरान के जवाबी हमलों के बाद से यह इलाका काफी तनाव में है।

नेतन्याहू ने कहा कि यह शांति का रास्ता है। पीएम ने कहा कि मेरा मानना ​​है कि हम इसे हासिल कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि ट्रंप के साथ सहयोग से पहले भी बड़ी डिप्लोमैटिक सफलताएं मिली हैं। नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के खिलाफ US और इजराययल के हमलों में कुछ समय लग सकता है। लेकिन इसमें सालों नहीं लगेंगे। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जमकर तारीफ की।

इजरायली प्रधानमंत्री ने कहा, "यह कभी न खत्म होने वाला युद्ध नहीं है, यह शांति का रास्ता है।" जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें इस इलाके में शांति का कोई पक्का रास्ता दिखता है, तो उन्होंने जवाब दिया, "हां, मुझे दिखता है।" नेतन्याहू ने कहा कि ईरान का परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम पूरी दुनिया के लिए खतरा है। उन्होंने कहा कि इजरायली सेना की कार्रवाई का उद्देश्य केवल इजरायल की नहीं, बल्कि पूरे विश्व की सुरक्षा करना है।


बेत शेमेश पर रविवार को हुए ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद वहां का दौरा करते समय नेतन्याहू ने कहा, "यह ऑपरेशन 'रोरिंग लॉयन' का चौथा दिन है। इजरायली सेना और इजरायल सरकार ने हमारे मित्र अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप के साथ मिलकर इजरायल के अस्तित्व को होने वाले खतरे और अमेरिका तथा पूरी दुनिया के लिए बड़े खतरों को नष्ट करने के लिए यह अभियान शुरू किया है।"

बेत शेमेश में एक आवासीय क्षेत्र में मिसाइल गिरने से नौ लोग मारे गए और 20 से अधिक लोग घायल हो गए। यह क्षेत्र यरूशलम से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित है। नेतन्याहू ने कहा कि ईरान की धमकियां इजराइल और अमेरिका तक ही सीमित नहीं हैं। बल्कि यूरोप और अन्य क्षेत्रों तक भी फैल गई हैं।

उन्होंने साइप्रस में ब्रिटेन के एक सैन्य ठिकाने पर ईरान के हमले की ओर इशारा करते हुए कहा, "वे जोर-जोर से कह रहे हैं 'इजरायल मुर्दाबाद, अमेरिका मुर्दाबाद।' यही उनका अंतिम लक्ष्य है। लेकिन मैंने कहा था कि वे बीच में आने वालों को भी निशाना बनाएंगे। वे यूरोप को भी निशाना बनाएंगे। और उन्होंने किया।"

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नेतन्याहू ने आगे कहा, "अगर यह आतंकवादी शासन... परमाणु हथियार और उनके इस्तेमाल के साधन, बैलिस्टिक और अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलें हासिल कर लेता है, तो यह पूरी दुनिया को धमकाएगा। इसलिए हमने अपनी रक्षा करने का संकल्प लिया है। लेकिन ऐसा करते हुए, हम दूसरों की भी रक्षा कर रहे हैं।"

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