Israel-US Iran War: ईरान के हमले में अब तक अमेरिका के 6 सैनिकों की मौत, ट्रंप ने तेहरान से बदला लेने की खाई कसम

Israel-US Iran War: मिडिल ईस्ट में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। अमेरिका ने अपने नागरिकों से इस इलाके को छोड़ने को कहा है। अमेरिकी सेना का कहना है कि 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' शुरू होने के बाद से ईरान के हमले में अब तक 6 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सैनिकों की मौत का बदला लेने की कसम खाई है

अपडेटेड Mar 03, 2026 पर 9:18 AM
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Middle East conflict: ईरान के साथ युद्ध में अभी तक अमेरिका के 6 सैनिक मारे जा चुके हैं

Middle East conflict: ईरानी के साथ युद्ध शुरू होने के बाद अभी तक 6 अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं। जबकि 16 जवानों के घायल होने की पुष्टि हुई है। US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने मंगलवार (3 मार्च) को कहा कि 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' शुरू होने के बाद से मारे गए अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। अमेरिका ने कहा है कि मिडिल ईस्ट में अब लड़ाई तेज हो गई है। CENTCOM ने सोसल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किए गए एक बयान में कहा, "2 मार्च को शाम 4 बजे ET तक छह US सैनिक कार्रवाई में मारे गए हैं।"

मंगलवार को मिडिल ईस्ट में जारी लड़ाई और घातक हो गई। खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी दूतावास को ईरान निशाना बना रहा है। इसके बाद अमेरिका ने अपने नागरिकों से इस इलाके के ज्यादातर हिस्से छोड़ने को कहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने इशारा किया कि ईरान के साथ लड़ाई शुरू में लगाए गए अंदाजे से कहीं ज्यादा लंबी चल सकती है।

मिडिल ईस्ट छोड़ने की अपील


US स्टेट डिपार्टमेंट ने अमेरिकियों से मिस्र से लेकर पूरब की ओर मिडिल ईस्ट के देशों को छोड़ने की अपील की है। उन्होंने 'गंभीर सुरक्षा जोखिम' का हवाला देते हुए एडवाइजरी जारी की है। असिस्टेंट सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मोरा नामदार ने कहा कि जब तक कमर्शियल फ्लाइट उपलब्ध हैं। नागरिकों को उनका इस्तेमाल करना चाहिए।

ट्रंप ने दी धमकी

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ईरान पर सैन्य हमले तब तक जारी रहेंगे जब तक वाशिंगटन के सभी लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते। उन्होंने अमेरिकी सैनिकों की मौत का बदला लेने की कसम खाई। ट्रंप की ये टिप्पणी ईरान द्वारा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और अन्य खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले करने के बाद आई है। ईरानी कार्रवाई को अमेरिका और इजरायल द्वारा पहले किए गए संयुक्त हमलों का प्रतिशोध बताया गया है।

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को हमले तेज न करने की चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका ऐसी ताकत के साथ जवाब देगा जो पहले कभी नहीं देखा गया होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान के नौ नौसैनिक जहाजों को नष्ट कर दिया। साथ ही ईरान के नौसैनिक मुख्यालय को काफी हद तक नष्ट कर दिया है।

ट्रंप ने आगे कहा, "ईरान में सैन्य अभियान चार से पांच सप्ताह तक जारी रह सकते हैं। लेकिन इससे ज्यादा समय के लिए भी मैं तैयार हूं।" अमेरिकी सेना ने कहा है कि उसने इजरायल के साथ मिलकर किए गए एक बड़े हमले के बाद पिछले 24 घंटों में ईरान के अंदर 1,000 से अधिक ठिकानों पर हमले किए हैं।

ईरान के सीनियर नेता और सैन्य अधिकारियों की मौत

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और लगभग 40 वरिष्ठ राजनीतिक और सैन्य अधिकारी मारे गए। इससे ईरान के नेतृत्व को निर्णायक झटका लगा है। इस स्थिति ने व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका बढ़ा दी है, जिसके चलते खाड़ी देशों ने अपनी सेनाओं को हाई अलर्ट पर रखा है।

ईरान ने अपने सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद सोमवार (2 मार्च) को खाड़ी देशों पर मिसाइल हमला तेज कर दिया। सोमवार सुबह दुबई, दोहा और अबू धाबी समेत खाड़ी के कई बड़े शहर धमाकों से दहल उठे।

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