ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को लेकर बड़ा दावा सामने आया है। इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों की पहली लहर में उनकी मौत हो सकती है। हालांकि इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इजरायल के Channel 12 ने सूत्रों के हवाले से कहा कि “बढ़ते संकेत” मिल रहे हैं कि खामेनेई या तो मारे गए हैं या कम से कम गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इससे पहले अधिकारियों ने कहा था कि हमलों से ईरानी नेतृत्व और सैन्य कमांडरों को “बहुत बड़ा नुकसान” पहुंचा है।
शनिवार सुबह से, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हमला शुरू किया, तब से खामेनेई की ओर से कोई सार्वजनिक बयान नहीं आया है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया था कि उन्हें पहले ही तेहरान से सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया था।
इजरायली सूत्रों का दावा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ज्वाइंट मिसाइल हमले में खास तौर पर ईरान के सुप्रीम लीडर को निशाना बनाया था। शुरुआती धमाके राजधानी तेहरान में उनके दफ्तर के पास हुए बताए जा रहे हैं।
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि तेहरान में उनका आवास और परिसर पूरी तरह नष्ट हो गया है। लेकिन हमले के अंतिम नतीजों को लेकर स्थिति अभी साफ नहीं है।
86 साल के खामेनेई 1989 से ईरान के सुप्रीम लीडर हैं। उन्होंने इस पद पर अयातुल्ला अली खामेनेई की जगह ली थी। उनके पास ईरान की सरकार, सेना और न्यायपालिका पर अंतिम नियंत्रण रहा है और वे देश के सर्वोच्च धार्मिक नेता भी माने जाते हैं।
उनका कार्यकाल पश्चिमी देशों, खासकर अमेरिका, के साथ तनावपूर्ण रिश्तों के लिए जाना जाता है। हाल के हफ्तों में जब अमेरिकी युद्धपोत क्षेत्र में पहुंचे और ट्रंप प्रशासन ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सख्त रुख अपनाया, तब दोनों देशों के संबंध और खराब हो गए।
खामेनेई का कहना रहा है कि ईरान को यूरेनियम संवर्धन का अधिकार है और उसका परमाणु कार्यक्रम केवल नागरिक उपयोग के लिए है। उन्होंने बार-बार कहा है कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा।
फिलहाल खामेनेई की स्थिति को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है, और पूरे मध्य पूर्व में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।