मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध जैसे हालात के बीच दुनिया के सबसे व्यस्त अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों में शामिल दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है। शनिवार को खाड़ी देशों में ईरान की ओर से किए गए मिसाइल हमलों के बाद दुबई एयरपोर्ट प्राधिकरण ने सुरक्षा कारणों से यह बड़ा फैसला लिया। इसके साथ ही अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DWC) पर भी सभी उड़ानें रोक दी गई हैं। दुबई एयरपोर्ट्स ने बयान जारी कर कहा है कि “DXB और DWC पर सभी फ्लाइट ऑपरेशन अगले आदेश तक स्थगित हैं। यात्रियों से अपील है कि वे फिलहाल एयरपोर्ट न आएं और अपनी-अपनी एयरलाइन से संपर्क करें।”
यह कदम उस समय उठाया गया जब अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और सहयोगी देशों को निशाना बनाते हुए बैलिस्टिक मिसाइल दागीं।
हमलों की गूंज अबू धाबी, दुबई, दोहा, रियाद और मनामा तक सुनाई दी। UAE में एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। हालांकि गिरते मलबे की वजह से अबू धाबी में कम से कम एक आम नागरिक की मौत की खबर है।
दुबई के चश्मदीदों ने बताया कि तेज धमाकों से इमारतों की खिड़कियां हिल गईं और आसमान में मिसाइलों की लकीरें साफ दिखाई दीं।
हमलों का निशाना उन जगहों को बनाया गया जहां अमेरिकी सेना मौजूद है, जैसे यूएई का अल धफरा एयर बेस, कतर का अल उदैद एयर बेस और बहरीन में अमेरिकी नौसेना के यूनाइटेड स्टेट्स फिफ्थ फ्लीट का हेडक्वार्टर।
कतर और कुवैत ने भी अपने-अपने एयर डिफेंस सिस्टम के जरिए कई मिसाइलों को रोके जाने की पुष्टि की है। कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस के रनवे को नुकसान पहुंचने की खबर है, जहां इटली की वायुसेना के जवान तैनात हैं।
सऊदी अरब ने इन हमलों को “क्रूर ईरानी आक्रामकता” बताया है। वहीं यूएई के रक्षा मंत्रालय ने इसे “खतरनाक उकसावा” करार देते हुए जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखा है।
दुबई एयरपोर्ट आमतौर पर हर दिन लाखों यात्रियों को संभालता है। इसके बंद होने से दुनिया भर की उड़ानों पर असर पड़ा है। Emirates जैसी बड़ी एयरलाइन ने दुबई आने-जाने वाली कई उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी हैं और यात्रियों से कहा है कि वे टर्मिनल पर आने के बजाय ऑनलाइन अपडेट देखें।
यूएई, कतर, बहरीन समेत कई देशों ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है। इसके कारण यूरोप, एशिया और अफ्रीका की सैकड़ों उड़ानें डायवर्ट या रद्द करनी पड़ी हैं।
मध्य पूर्व में इस तेजी से बढ़ते संघर्ष ने न सिर्फ सुरक्षा हालात बिगाड़ दिए हैं, बल्कि वैश्विक हवाई यात्रा को भी भारी झटका दिया है।