Israeli Strikes In Lebanon: अमेरिका और ईरान के बीच हुए 14 दिनों के संघर्ष विराम को अभी 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि लेबनान में 'कयामत' बरस पड़ी। बुधवार को इजरायली हमलों ने लेबनान को दहला दिया, जिसमें 250 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। इस भीषण हमले ने मिडिल ईस्ट में हो रही शांति की कोशिशों पर बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं।
सीजफायर के बाद लेबनान पर इजरायल का 'सबसे बड़ा' हमला
इजरायली सेना ने दावा किया कि उसने हिजबुल्लाह पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया है। राजधानी बेरूत, बेका घाटी और दक्षिणी लेबनान में मात्र 10 मिनट के भीतर हिजबुल्लाह के 100 से ज्यादा कमांड सेंटरों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। लेबनान की सिविल डिफेंस सर्विस के अनुसार, बुधवार को हुए हमलों में 254 लोग मारे गए और 1,100 से अधिक घायल हुए। अकेले बेरूत में ही 91 लोगों की जान चली गई। घायलों की संख्या इतनी ज्यादा थी कि एम्बुलेंस कम पड़ गईं और लोग मोटरसाइकिलों पर घायलों को अस्पताल पहुंचाते दिखे।
सीजफायर में लेबनान इन या आउट?
इस भीषण हमले के बाद ईरान-अमेरिका के बीच हुए सीजफायर समझौते को लेकर भारी भ्रम पैदा हो गया है। इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने साफ कर दिया कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं है। उनका तर्क है कि हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि लेबनान में सीजफायर उनके समझौते की अनिवार्य शर्त थी। हिजबुल्लाह का कहना है कि उन्हें बताया गया था कि वे सीजफायर का हिस्सा हैं, इसलिए उन्होंने बुधवार सुबह हमले रोक दिए थे, लेकिन इजरायल ने हमले जारी रखते हुए समझौता तोड़ दिया।
इजरायल पर हिजबुल्लाह का पलटवार
इजरायली हमलों के जवाब में हिजबुल्लाह ने गुरुवार सुबह उत्तरी इजरायल के मनारा इलाके में रॉकेट दागे। संगठन ने बयान जारी कर कहा कि जब तक लेबनान पर 'इजरायली-अमेरिकी आक्रामकता' बंद नहीं होती, उनका जवाब जारी रहेगा। ईरान की 'रिवोल्यूशनरी गार्ड्स' ने भी चेतावनी दी है कि अगर लेबनान पर हमले नहीं रुके, तो वे इजरायल को 'पछताने लायक' जवाब देंगे।
नेतन्याहू की चेतावनी- 'उंगली अभी भी ट्रिगर पर है'
इजरायली प्रधानमंत्री ने अपने देश को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान के साथ सीजफायर का मतलब युद्ध का अंत नहीं है। उन्होंने कहा, 'हमारे लक्ष्य अभी पूरे नहीं हुए हैं। हम किसी भी क्षण युद्ध में लौटने के लिए तैयार हैं। हमारी उंगली अभी भी ट्रिगर पर है।' नेतन्याहू ने दावा किया कि इजरायल ने ईरान के परमाणु और मिसाइल बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है और वे लेबनान में हिजबुल्लाह को खत्म करना जारी रखेंगे।
युद्ध की वजह से 12 लाख लोग हुए बेघर
युद्ध के कारण लेबनान की स्थिति भयावह हो चुकी है। इजरायल ने दक्षिणी लेबनान को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले आखिरी पुल को भी नष्ट कर दिया है। सेना ने इस इलाके को 'बफर जोन' बनाने के लिए पूरी तरह अलग-थलग कर दिया है। युद्ध के कारण अब तक 12 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं। कई लोग सीजफायर की खबर सुनकर घर लौटने की उम्मीद में अपना सामान बांध चुके थे, लेकिन ताजा बमबारी ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।