बांग्लादेश में पिछले साल उठा सियासी तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा है। वहां की पदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को जान बचाकर देश छोड़ कर भारत में शरण लेनी पड़ी। पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया पर ड्रोन अटैक का खतरा मंडरा रहा है। वह पिछले काफी समय से बीमार चल रही हैं और इस समय ढाका के एवरकेयर अस्पताल में भर्ती हैं। स्थानीय मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक ढाका मेट्रोपोलिटन पुलिस ने खालिदा जिया के अस्पताल के ऊपर और आसपास के पूरे इलाके को ‘नो फ्लाई जोन’ (No Fly Zone) घोषित कर दिया है। विशेष रूप से किसी भी तरह के ड्रोन उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस आदेश के बाद से ही कयासों का बाजार गर्म है कि उनके ऊपर किसी हवाई हमले या ड्रोन के जरिए निगरानी का खतरा मंडरा रहा है।
बेगम खालेदा जिया के बेटे और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान 17 साल के लंबे निर्वासन के बाद गुरुवार को स्वदेश लौट रहे हैं। उनकी स्वदेश वापसी से ठीक पहले इस तरह का आदेश आने से बांग्लादेश में अटकलों को हवा मिल रही है। लोग कयास लगा रहे हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री या उनके बेटे को किसी से जान का खतरा है। ढाका ट्रिब्यून में छपी खबर के मुताबिक ढाका मेट्रोपोलिटन पुलिस ने बुधवार को इस बाबत सख्त आदेश जारी किया है।
इस आदेश में साफ-साफ कहा गया है कि एवरकेयर अस्पताल और उसके आसपास के रिहायशी इलाकों में किसी भी तरह का ड्रोन उड़ाना सख्त मना है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और अगले आदेश तक जारी रहेगा। डीएमपी के मीडिया और जनसंपर्क विभाग के डिप्टी कमिश्नर मुहम्मद तालिबुर रहमान ने बताया कि यह फैसला सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए लिया गया है। पुलिस ने सख्त चेतावनी दी है कि बिना अनुमति के इस क्षेत्र में ड्रोन उड़ाते हुए पाए जाने वाले शख्स के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इधर, 17 साल स्वदेश लौट रहे तारिक रहमान के समर्थकों में खास उत्साह है। हालांकि, देश में और बाहर उनके दुश्मनों की कमी भी नहीं है। ऐसे में सरकार को अंदेशा है कि मौके और जगह का फायदा उठाकर कर उनके ऊपर हमला किया जा सकता है। तारिक रहमान देश में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद बदलती राजनीतिक परिस्थितियों में लौट रहे हैं।
कुछ दिनों पूर्व हुई युवा छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद पड़ोसी देश की सियासत में एक बार फिर से उबाल आ गया है। यहां के सियासी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में भारत के इस पड़ोसी मुल्क में किसी भी तरह की हलचल पर हर किसी की नजरें टिकी हुई हैं।