Tehran new mystery: खामेनेई के अंतिम संस्कार से मोजतबा के गायब रहने के बीच ताबूत के पास दिखे ये 3 और बेटे कौन हैं?

Khamenei Final Farewell: ईरान में हुए भव्य राजकीय अंतिम संस्कार के दौरान कड़े सरकारी प्रोटोकॉल और बड़े-बड़े राजनीतिक बैनरों के बीच एक बेहद निजी पल ने दुनिया का ध्यान खींचा है। तेहरान की इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसाला में दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बच्चे अपने पिता को अंतिम विदाई देते हुए फूट-फूटकर रोते हुए दिखाई दिए

अपडेटेड Jul 06, 2026 पर 1:49 PM
Khamenei Final Farewell: अंतिम यात्रा के दौरान खामेनेई के 3 बेटे फूट-फूटकर रोते हुए दिखाई दिए

Khamenei Final Farewell: ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को विदा करने के लिए तेहरान की सड़कों पर लाखों की संख्या में लोगों की भीड़ जमा हुई। लेकिन इस अंतिम संस्कार के दौरान एक ऐसी बात रही जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। जहां अली खामेनेई के तीन बेटे प्रार्थना के दौरान अपने पिता के ताबूत के पास खड़े दिखाई दिए। वहीं, उनके उत्तराधिकारी और दूसरे बेटे मोजतबा खामेनेई कहीं नजर नहीं आए। मोजतबा की इस गैरमौजूदगी ने उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और 9 जुलाई को मशहद में होने वाले अंतिम दफन से पहले शेष अंत्येष्टि कार्यक्रमों में शामिल होने को लेकर अटकलों को और हवा दे दी है।

अंतिम संस्कार की प्रार्थना में शामिल हुए ये 3 बेटे

ईरानी सरकारी टेलीविजन के फुटेज में दिखाया गया कि तेहरान के इमाम खुमैनी ग्रैंड मुसल्ला में जनाजे की नमाज के दौरान अली खामेनेई के तीन बेटे मुस्तफा, मसूद और मीसम खामेनेई अपने पिता के ताबूत के ठीक पीछे खड़े थे। इस समारोह में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ, कुद्स फोर्स के कमांडर इस्माइल कानी सहित कई वरिष्ठ राजनीतिक और सैन्य अधिकारी भी शामिल हुए।


अंतिम संस्कार के वीडियो में मसूद खामेनेई बेहद भावुक नजर आए। अली खामेनेई के झंडे से लिपटे ताबूत के साथ खामेनेई परिवार के कई अन्य सदस्यों के ताबूत भी रखे गए थे। इनमें उनकी बहू और 14 महीने की पोती शामिल थीं।

आखिर क्यों गायब रहे नए सुप्रीम लीडर मोजतबा?

मोजतबा खामेनेई को उस फरवरी हमले के बाद से सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है जिसमें अली खामेनेई मारे गए थे और जिसके बाद मोजतबा ने अपने पिता के उत्तराधिकारी के रूप में ईरान के सर्वोच्च नेता का पद संभाला था। ईरानी अधिकारियों ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है कि वे अंतिम संस्कार के किसी भी चरण में शामिल होंगे या नहीं।

पिछले हफ्ते अंतिम संस्कार समिति के प्रमुख अली अकबर पौरजमशीदियान ने कहा था कि मोजतबा की उपस्थिति को लेकर कोई भी निर्णय सर्वोच्च नेता के कार्यालय द्वारा ही लिया जाएगा। उनकी अनुपस्थिति इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वे अपनी पत्नी जहरा हदाद-आदेल के शोक समारोह में भी शामिल नहीं हुए थे। जहरा भी उसी हमले में मारी गई थीं।

सुरक्षा की चिंताएं और गंभीर रूप से घायल होने की खबरें

सामने आई रिपोर्टों से पता चलता है कि खामेनेई परिवार के परिसर पर हुए हमले के दौरान मोजतबा खामेनेई भी घायल हो गए थे। उनके करीबी सूत्रों का दावा है कि उनके पैरों में गंभीर चोटें आई थीं और चेहरे पर भी घाव थे, हालांकि ईरानी अधिकारियों ने उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि उन्हें स्थायी रूप से कोई गंभीर नुकसान हुआ है।

अली खामेनेई के बेटे मुस्तफा के साले मोहम्मद हुसैन खुशवख्त ने बताया कि सुरक्षा सलाहकारों ने नए सर्वोच्च नेता को निर्देश दिए हैं कि वे किसी भी तरह से खुद को सामने न लाएं, यहां तक कि अपनी आवाज भी जारी न करें।

अंतिम संस्कार की व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों के हवाले से मिली रिपोर्टों के मुताबिक मोजतबा की सुरक्षा टीम ने उन्हें किसी भी सार्वजनिक समारोह में शामिल न होने की सलाह दी है। सुरक्षा टीम को डर है कि इजरायल उन्हें निशाना बनाने की कोशिश कर सकता है या उनके सटीक ठिकाने का पता लगा सकता है। अंतिम संस्कार में शामिल हुए एक समर्थक ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा कि उनकी सुरक्षा निश्चित रूप से प्राथमिकता होनी चाहिए। उनकी उपस्थिति के बारे में उनका कार्यालय जो भी निर्णय लेगा, वह सही होगा।

मशहद में 9 जुलाई को होगा अंतिम दफन

ईरान ने अली खामेनेई के लिए कई शहरों में अंतिम संस्कार के कार्यक्रमों का आयोजन किया है। तेहरान में प्रार्थना के बाद ताबूत को कौम सहित कई प्रमुख शहरों से ले जाया जाना तय है। यह पूरा कार्यक्रम 9 जुलाई को मशहद के इमाम रजा दरगाह में दफन के साथ समाप्त होगा। हालांकि मोजतबा खामेनेई अब तक जनता की नजरों से दूर रहे हैं।

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लेकिन ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने अंतिम संस्कार के कम से कम एक हिस्से में शामिल होने की इच्छा जताई है। विशेष रूप से मशहद में होने वाले अंतिम दफन समारोह में वे शामिल होना चाहते हैं जहां सुरक्षा स्थितियां ठीक रहने पर उनके द्वारा अपने पिता के लिए अंतिम प्रार्थना पढ़ने की उम्मीद की जा रही है।

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