Pakistan Blocks 10 Crore Mobile Phones: जानें क्यों पाकिस्तान ने ब्लॉक किए 10 करोड़ मोबाइल फोन्स? क्या भारत को भी उठाना चाहिए ऐसा कदम

Pakistan Blocks 10 Crore Mobile Phones: पाकिस्तान टेलीकॉम अथॉरिटी (PTA) ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान लगभग 10 करोड़ मोबाइल फोन्स को ब्लॉक कर दिया है। इसका मकसद चोरी, नकली और क्लोन किए गए फोन पर कड़ाई करना है, जिससे देश के मोबाइल बाजार में बड़ा बदलाव आ रहा है।

अपडेटेड Jan 09, 2026 पर 9:30 AM
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जानें क्यों पाकिस्तान ने ब्लॉक किए 10 करोड़ मोबाइल फोन्स? क्या भारत को भी उठाना चाहिए ऐसा कदम

Pakistan Blocks 10 Crore Mobile Phones: पाकिस्तान टेलीकॉम अथॉरिटी (PTA) ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान लगभग 10 करोड़ मोबाइल फोन्स को ब्लॉक कर दिया है। इसका मकसद चोरी, नकली और क्लोन किए गए फोन पर कड़ाई करना है, जिससे देश के मोबाइल बाजार में बड़ा बदलाव आ रहा है। डिवाइस आइडेंटिफिकेशन रजिस्ट्रेशन एंड ब्लॉकिंग सिस्टम (DIRBS) का उपयोग करते हुए, PTA ने न केवल ग्राहकों की सुरक्षा की है, बल्कि स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा दिया है, मोबाइल इकोसिस्टम को औपचारिक रूप दिया है और सरकारी राजस्व को मजबूत किया है।

PTA की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, ब्लॉक किए गए डिवाइसों में 7 करोड़ नकली या डुप्लिकेट फोन, 2 करोड़ नकली या क्लोन किए गए IMEI वाले फोन और 868,000 खोए या चोरी हुए हैंडसेट शामिल थे। PTA ने कहा कि यह कार्रवाई पाकिस्तान के डिजिटल वातावरण की सुरक्षा और ऐसे डिवाइसों को मार्केट में आने से रोकने का हिस्सा है, जो उपभोक्ताओं की सुरक्षा और नेटवर्क की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकते हैं।

DIRBS क्या है?


DIRBS (Device Identification Registration and Blocking System) मोबाइल डिवाइस मैनेजमेंट (MDM) नियम, 2021 के तहत पेश किया गया था। यह सिस्टम डिवाइस रजिस्ट्रेशन को नेटवर्क ऑथराइजेशन से जोड़ता है, जिससे तस्करी और अनऑथराइज्ड डिवाइस के इस्तेमाल में काफी कमी आई है। इसके तहत केवल वेरिफाइड और नियमों के अनुसार बनाए गए डिवाइस ही पाकिस्तान के नेटवर्क पर काम कर सकते हैं।

स्थानीय मोबाइल उद्योग

PTA की रिपोर्ट में स्थानीय मोबाइल विनिर्माण में हुई उल्लेखनीय वृद्धि पर भी प्रकाश डाला गया है। 2025 तक, पाकिस्तान में उपयोग किए जाने वाले 95% से अधिक डिवाइस, जिनमें 68% स्मार्टफोन शामिल हैं, घरेलू स्तर पर बनाए गए थे। Samsung, Xiaomi, OPPO और Vivo जैसे प्रमुख ग्लोबल ब्रांड सहित कुल 36 कंपनियों को निर्माण की अनुमति दी गई है, जो औद्योगिक आत्मनिर्भरता और आयात घटाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

रेवन्यू में हुई बढ़ोतरी

2019 से, व्यक्तिगत मोबाइल डिवाइस रजिस्ट्रेशन से सरकार को 83 अरब रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है, जो मोबाइल बाजार को औपचारिक रूप देने के वित्तीय प्रभाव को दर्शाता है। PTA के अधिकारियों का कहना है कि इस सख्त कार्रवाई और स्थानीय निर्माण के संयोजन ने पाकिस्तान को रिजनल मोबाइल फोन मूल्य चेन में पूरी तरह भाग लेने और आर्थिक मजबूती बढ़ाने का मौका दिया है।

एक्सपर्ट का मानना ​​है कि ये उपाय न केवल ग्रहकों को घटिया और नुकसान पहुंचाने वाले डिवाइसों से बचाते हैं, बल्कि स्थानीय उत्पादन और प्रौद्योगिकी विकास में निवेश को भी प्रोत्साहित करते हैं। PTA के इस रणनीति ने एक अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और आत्मनिर्भर मोबाइल पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण किया है, जिससे व्यवसायों, उपभोक्ताओं और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होंगे।

भारत को भी उठाना चाहिए ऐसा कदम

एक्सपर्ट के मुताबिक, भारत सरकार को भी ऐसा ही मजबूत कदम उठाना चाहिए। अभी हाल ही में दिल्ली के करोल बाग में Samsung के नकली फोन बेचने वाले गिरोह को पकड़ा गया है। यह गिरोह अच्छे कीमतों में Samsung का नकली प्रीमियम स्मार्टफोन बेच रहा था, जिससे ग्राहकों के प्राइवेसी को नुकसान पहुंचा है। साथ ही कई लोगों के डेटा भी चोरी हुए हैं।

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