US-Iran War: ईरान-अमेरिका युद्ध हुआ और खतरनाक, कुवैत एयरपोर्ट पर हमला...खाड़ी में तेजी से फैल रहा जंग की आग

US-Iran War: ईरान ने कुवैत के अहम ढांचों को निशाना बनाया, जिसमें उसका अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी शामिल है। बताया गया कि ड्रोन हमले में एयरपोर्ट की रडार प्रणाली को भारी नुकसान पहुंचा। कुवैती अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में किसी की जान नहीं गई, लेकिन इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि जैसे-जैसे संघर्ष बढ़ रहा है, वैसे-वैसे खाड़ी क्षेत्र की महत्वपूर्ण सुविधाएं भी खतरे में आ रही हैं

अपडेटेड Mar 28, 2026 पर 11:24 PM
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Israel-US Iran War: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच शुरू हुई जंग का आज 29वां दिन है।

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष ने अब एक खतरनाक मोड़ ले लिया है। कुवैत और पूरे खाड़ी क्षेत्र में हुए हमले इस बात का संकेत हैं कि तनाव तेजी से बढ़ रहा है। यह घटनाएं उस चेतावनी के कुछ ही घंटों बाद हुईं, जिसमें ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई बढ़ाने की बात कही थी। वहीं इससे पहले ईरान ने सऊदी अरब में स्थित प्रिंस सुल्तान एयरबेस को भी अपना निशाना बनाया है। इस हमले में न केवल अमेरिकी सैन्य कर्मी घायल हुए हैं। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में युद्ध की आग को और भड़का दिया है।

कुवैत के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमला 

ईरान ने कुवैत के अहम ढांचों को निशाना बनाया, जिसमें उसका अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी शामिल है। बताया गया कि ड्रोन हमले में एयरपोर्ट की रडार प्रणाली को भारी नुकसान पहुंचा। कुवैती अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में किसी की जान नहीं गई, लेकिन इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि जैसे-जैसे संघर्ष बढ़ रहा है, वैसे-वैसे खाड़ी क्षेत्र की महत्वपूर्ण सुविधाएं भी खतरे में आ रही हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने यह भी दावा किया है कि उसने दुबई में दो “छिपे ठिकानों” पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया, जहां अमेरिका के सैनिक तैनात थे। उसके मुताबिक, इन जगहों पर 500 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक मौजूद थे।


खाड़ी देशों पर मंडराने लगा खतरा

ये हमले ऐसे समय में हुए हैं, जब यह चिंता बढ़ रही है कि ईरान अपने हवाई हमलों का दायरा बढ़ाकर  युद्ध क्षेत्र से बाहर भी ले जा रहा है। इससे दुबई समेत पूरे खाड़ी क्षेत्र के व्यापारिक और सैन्य ठिकानों पर खतरा मंडराने लगा है। इस बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक व्यापार पर भी पड़ रहा है, और कई अहम समुद्री रास्ते पहले ही प्रभावित हो चुके हैं। वहीं माएर्स्क ने बताया कि सलालाह बंदरगाह पर हुए ड्रोन हमले के बाद वहां का कामकाज रोक दिया गया है। इस हमले में एक विदेशी कर्मचारी घायल हुआ और बंदरगाह की एक क्रेन को भी नुकसान पहुंचा। कंपनी के अनुसार, पूरे पोर्ट को खाली करा लिया गया है और यह कम से कम 48 घंटे तक बंद रहेगा।

इसी बीच ईरान ने दावा किया कि उसने बंदरगाह से काफी दूर मौजूद अमेरिका के एक लॉजिस्टिक्स जहाज को निशाना बनाया है। इस घटनाक्रम के बाद समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं और कई देश अपने शिपिंग रास्तों को सुरक्षित बनाने में जुट गए हैं। इंडोनेशिया ने भी कहा है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य से अपने टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ईरान से बातचीत कर रहा है और तेहरान ने इस पर सकारात्मक रुख दिखाया है।

तेजी से बढ़ रहा संघर्ष

क्षेत्र में मिसाइल हमलों की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं और यह संघर्ष अब अलग-अलग इलाकों में फैलता जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, इजरायल की सेना ने जब ईरानी मिसाइलों का पता लगाया, तो यरुशलम के आसमान में दो जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई। यह घटना उस समय हुई जब इजरायल ने हाल ही में तेहरान में नए हमले किए थे। वहीं ईरान के मीडिया का कहना है कि अमेरिकी और इजरायली हमलों में रात भर रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया, जिसमें एक दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हुई। हालांकि, एएफपी के अनुसार इन मौतों की संख्या की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है, इसलिए इस पर पूरी तरह भरोसा नहीं किया जा सकता।

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