Reza Pahlavi: ईरान के अंतिम शाह के निर्वासित बेटे रजा पहलवी ने तेहरान के मौजूदा शासन के खिलाफ एक बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। अमेरिका के डलास में आयोजित 'कंजर्वेटिव पॉलिटिकल एक्शन कॉन्फ्रेंस' में बोलते हुए पहलवी ने अमेरिका से ईरान पर सैन्य हमले तेज करने की अपील की और खुद को सत्ता परिवर्तन के बाद देश की कमान संभालने वाले नेता के तौर पर पेश किया।
ट्रंप की तर्ज पर पहलवी का नारा- 'मेक ईरान ग्रेट अगेन'
रजा पहलवी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मशहूर नारे 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' की तर्ज पर अपना विजन साझा किया। पहलवी ने कहा, 'राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिका को फिर से महान बना रहे हैं, मेरा इरादा ईरान को फिर से महान बनाने का है।' उन्होंने समर्थकों से कहा कि वह ईरान में एक लोकतांत्रिक बदलाव का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उनका दावा है कि उनके नेतृत्व में ईरान अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं, उग्रवाद और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे वैश्विक व्यापारिक मार्गों के लिए खतरा बनना छोड़ देगा।
'चरमपंथियों के बजाय इंजीनियरों का निर्यात'
पहलवी ने एक ऐसे ईरान का खाका पेश किया जो दुनिया के लिए सुरक्षा खतरा नहीं, बल्कि एक आर्थिक भागीदार होगा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और ईरान की नई साझेदारी अगले एक दशक में अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक का योगदान दे सकती है। 9 करोड़ की आबादी और शिक्षित युवाओं के साथ, उन्होंने ईरान को दुनिया के सबसे बड़े अनछुए आर्थिक अवसरों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि भविष्य का ईरान 'चरमपंथियों के बजाय इंजीनियरों' का निर्यात करेगा।
इजरायल के साथ संबंधों के लिए पेश किया 'साइरस अकॉर्ड्स'
पहलवी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान की घरेलू स्थिति काफी खराब है। ईरान में महंगाई दर 46% के पार पहुंच गई है और बेरोजगारी चरम पर है। पहलवी ने 'अब्राहम अकॉर्ड्स' की तर्ज पर 'साइरस अकॉर्ड्स' का प्रस्ताव रखा, जिसके तहत ईरान और इजरायल के बीच रिश्तों को सामान्य बनाया जा सकेगा।
इराक जैसी गलती न दोहराने की चेतावनी
सत्ता परिवर्तन की रणनीति साझा करते हुए पहलवी ने अमेरिका को पुरानी गलतियों से बचने की सलाह दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान में बदलाव के दौरान वहां की सरकारी संस्थाओं को नष्ट नहीं किया जाना चाहिए, जैसा 2003 में इराक में 'डी-बाथिफीकेशन' यानी सद्दाम हुसैन की पार्टी को खत्म करना के दौरान हुआ था। उन्होंने 'ईरान प्रॉस्पेरिटी प्रोजेक्ट' नामक एक दस्तावेज का जिक्र किया, जिसमें शासन गिरने के पहले 100 दिनों की कार्ययोजना और पुनर्निर्माण के लंबे समय के लक्ष्यों का विवरण है।