“पूरी रात नहीं सो पाए”, बिजली कटौती ने पाकिस्तानियों की नींद उड़ाई, सरकार का ऐलान- रोज शाम 2 घंटे कटेगी बजली

Pakistan Electricity Crisis: इस हफ्ते की शुरुआत में NEPRA (बिजली नियामक प्राधिकरण) ने बिजली के दाम 1.42 रुपये प्रति यूनिट बढ़ा दिए थे। पहले ही लाहौर के शहरी इलाकों में 8 घंटे तक और गांवों में 12 से 16 घंटे तक बिजली गुल रह रही है

अपडेटेड Apr 15, 2026 पर 4:10 PM
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बिजली कटौती ने पाकिस्तानियों की नींद उड़ाई, सरकार का ऐलान- रोज शाम 2 घंटे कटेगी बजली

पाकिस्तान में बिजली का गंभीर संकट गहरा गया है। ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के कारण ऊर्जा की सप्लाई प्रभावित हुई है। सरकार ने अब ऐलान किया है कि हर शाम लगभग 2 घंटे बिजली की सप्लाई बंद रहेगी। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, ये दो घंटे का पावर कट ईरान युद्ध से बढ़ती हुई बिजली की कीमतों को कंट्रोल करने के लिए लिया गया सख्त कदम है।

सरकार का कहना है कि शाम 5 बजे से रात 1 बजे तक बिजली की मांग बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, क्योंकि पानी से बिजली बनाने (हाइड्रो पावर) में कमी आ गई है। इस कमी को पूरा करने के लिए महंगे फॉसिल फ्यूल (कोयला, तेल आदि) का इस्तेमाल करना पड़ रहा है, जो ईरान युद्ध के बाद और भी महंगे हो गए हैं।

इसलिए पीक टाइम में लोड कम करने के लिए ये कट लगाया जा रहा है, ताकि बिजली की कीमतें और न बढ़ें। बिजली कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे उपभोक्ताओं को पहले से सूचना दें कि कब बिजली कटेगी, और बिना बताए कोई कट न लगाएं।


इस हफ्ते की शुरुआत में NEPRA (बिजली नियामक प्राधिकरण) ने बिजली के दाम 1.42 रुपये प्रति यूनिट बढ़ा दिए थे।

पहले ही लाहौर के शहरी इलाकों में 8 घंटे तक और गांवों में 12 से 16 घंटे तक बिजली गुल रह रही है। लाहौर और आसपास की कंपनियां बिना बताए घंटे-घंटे में लोडशेडिंग कर रही हैं, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

एक स्थानीय निवासी ने बताया, “पूरी रात हम सो नहीं पाए क्योंकि घंटे-घंटे में सबसे बुरी लोडशेडिंग चल रही थी। मंगलवार को भी सुबह से शाम तक लंबे समय तक बिजली नहीं आई।”

कराची में भी लोग बार-बार बिजली कटने के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। अब्बोटाबाद में लोग सरकारी गैस कंपनी के ऑफिस के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं, क्योंकि गैस और बिजली दोनों की कमी लगातार बनी हुई है।

पाकिस्तान पहले से ही महंगाई और आर्थिक मुश्किलों से जूझ रहा था। अब वेस्ट एशिया (मध्य पूर्व) का ये संकट उनकी मुश्किलें और बढ़ा रहा है। पाकिस्तान अपना ज्यादातर तेल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आयात करता है, जो 28 फरवरी से युद्ध शुरू होने के बाद बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

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