Middle East War: F-15 से लेकर KC-135 तक: ईरान युद्ध में अमेरिका ने कैसे खोए अपने चार सैन्य विमान
अमेरिकी सेना का कहना है कि यह हादसा किसी दुश्मन के हमले या गलती से हुई फायरिंग की वजह से नहीं हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, विमान में तकनीकी या ऑपरेशन से जुड़ी कोई समस्या हो सकती है। क्रैश के बाद तुरंत रेस्क्यू टीमें भेजकर क्रू मेंबर की तलाश शुरू कर दी गई
Middle East War: F-15 से लेकर KC-135 तक: ईरान युद्ध में अमेरिका ने कैसे खोए अपने चार सैन्य विमान
ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच अमेरिका को एक और बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी सेना का एक KC-135 स्ट्रैटोटैंकर (KC-135 Stratotanker) यानी विमानों में ईंधन भरने वाला सैन्य विमान पश्चिमी इराक में ऑपरेशन के दौरान क्रैश हो गया। इस घटना की पुष्टि अमेरिकी सेना के US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने की है। यह हादसा Operation Epic Fury के दौरान हुआ, जो अमेरिका ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ शुरू किया था।
KC-135 विमान कैसे हुआ हादसे का शिकार?
CENTCOM के मुताबिक इस मिशन में दो KC-135 Stratotanker विमान शामिल थे। इनमें से एक विमान पश्चिमी इराक में क्रैश हो गया, जबकि दूसरा विमान सुरक्षित लैंड करने में सफल रहा।
अमेरिकी सेना का कहना है कि यह हादसा किसी दुश्मन के हमले या गलती से हुई फायरिंग की वजह से नहीं हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, विमान में तकनीकी या ऑपरेशन से जुड़ी कोई समस्या हो सकती है। क्रैश के बाद तुरंत रेस्क्यू टीमें भेजकर क्रू मेंबर की तलाश शुरू कर दी गई।
हालांकि इराक के सशस्त्र समूह इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक ने दावा किया है कि उसी ने इस विमान को मार गिराया। संगठन ने बयान जारी कर कहा कि उसने “अपने देश की संप्रभुता और हवाई क्षेत्र की रक्षा के लिए” अमेरिकी विमान को निशाना बनाया।
हवाई युद्ध में बेहद अहम होता है KC-135
KC-135 स्ट्रैटोटैंकर आधुनिक हवाई युद्ध में बेहद अहम भूमिका निभाता है। इसका मुख्य काम फाइटर जेट और बमवर्षक विमानों को हवा में ही ईंधन देना होता है।
इससे लड़ाकू विमान लंबे समय तक आसमान में रह सकते हैं और अपने बेस से काफी दूर तक जाकर हमले कर सकते हैं। ऐसे मिशन में कई विमानों के बीच बेहद सटीक तालमेल और कठिन उड़ान संचालन की जरूरत होती है, खासकर युद्ध के समय जब ऑपरेशन लगातार चलते रहते हैं।
अब तक अमेरिका के चार विमान नष्ट
इस हादसे के बाद ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद अब तक अमेरिका के चार सैन्य विमान नष्ट हो चुके हैं।
हालांकि यह ताजा घटना तकनीकी दुर्घटना लग रही है, लेकिन पहले हुए नुकसान कहीं ज्यादा नाटकीय हालात में हुए थे।
कुवैत में गलती से गिराए गए तीन F-15
युद्ध के शुरुआती दिनों में अमेरिका के तीन F-15E Strike Eagle लड़ाकू विमान कुवैत के ऊपर गिर गए थे।
ये विमान भी Operation Epic Fury के शुरुआती ऑपरेशन का हिस्सा थे। उस समय इलाके में भारी हवाई गतिविधि चल रही थी। इसी दौरान कुवैत की एयर डिफेंस सिस्टम ने गलती से इन अमेरिकी विमानों को दुश्मन समझ लिया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक कुवैत के एक F/A-18 Hornet फाइटर जेट ने इन अमेरिकी विमानों पर फायर कर दिया। इस घटना में तीनों F-15E विमान गिर गए, जो इस युद्ध में अमेरिका के विमानों का अब तक का सबसे बड़ा नुकसान माना जा रहा है।
हालांकि राहत की बात यह रही कि तीनों विमानों में मौजूद छहों पायलट सुरक्षित बच गए। सभी ने समय रहते इजेक्ट कर लिया था।
कई MQ-9 ड्रोन भी नष्ट
इस युद्ध के दौरान अमेरिका को ड्रोन के मोर्चे पर भी नुकसान उठाना पड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक करीब 11 MQ-9 रीपर ड्रोन नष्ट या मार गिराए जा चुके हैं।
MQ-9 Reaper ड्रोन अक्सर दुश्मन इलाके के अंदर गहरी टोही (reconnaissance) और निगरानी मिशन पर भेजे जाते हैं। इसी वजह से इन्हें गिराए जाने का खतरा ज्यादा रहता है।
युद्ध के बीच लगातार हो रहे इन नुकसान ने अमेरिकी सैन्य अभियानों के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।