मध्य-पूर्व में बढ़ते युद्ध के बीच एक बड़ा समुद्री हमला सामने आया है। होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में भारत आ रहा एक मालवाहक जहाज अचानक हमले का शिकार हो गया, जिससे जहाज में आग लग गई और क्रू को बचाने के लिए इमरजेंसी रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना पड़ा। यह जहाज मयूरी नारी (Mayuree Naree) नाम का थाई झंडे वाला बल्क कैरियर था, जो UAE के खलीफा पोर्ट के मुबार्रस टर्मिनल से रवाना होकर भारत के गुजरात के कांडला पोर्ट की ओर जा रहा था। रास्ते में संकरी खाड़ी शिपिंग लेन से गुजरते समय इस पर एक अज्ञात मिसाइल या ड्रोन से हमला हुआ।
हमले के बाद जहाज के एक हिस्से में आग लग गई। रॉयल थाई नेवी ने इस घटना की पुष्टि की और कुछ तस्वीरें भी जारी कीं, जिनमें जहाज से काला धुआं उठता दिखाई दे रहा है। तस्वीरों में समुद्र में लाइफ राफ्ट भी दिख रही हैं, जिनसे क्रू मेंबर जहाज छोड़कर बाहर निकलते नजर आए।
बताया गया है कि मयूरी नारी करीब 178 मीटर लंबा बल्क कैरियर है और इसका वजन लगभग 30,000 टन है। यह बैंकॉक में लिस्टेड शिपिंग कंपनी Precious Shipping PCL का जहाज है।
रेस्क्यू ऑपरेशन, 3 लोग अब भी लापता
हमले के तुरंत बाद रॉयल नेवी ऑफ ओमान ने बचाव अभियान शुरू किया। जहाज छोड़कर लाइफबोट में निकले 20 क्रू मेंबर को सुरक्षित बचा लिया गया। उन्हें खसाब शहर लाया गया, जो ओमान के मुसंदम प्रायद्वीप में स्ट्रेट के मुहाने पर स्थित एक बंदरगाह है।
अधिकारियों के अनुसार जहाज में लगी आग को बाद में काबू में कर लिया गया, लेकिन जहाज को कितना नुकसान हुआ है, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। फिलहाल तीन क्रू मेंबर अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
लगातार बढ़ रही समुद्री घटनाएं
इससे पहले यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन ने भी बताया था कि ओमान से करीब 11 समुद्री मील उत्तर में एक मालवाहक जहाज पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, जिससे उसमें आग लग गई। एजेंसी ने इस इलाके से गुजरने वाले सभी जहाजों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
दरअसल होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। यह ओमान और ईरान के बीच स्थित संकरा जलमार्ग है, जिससे होकर हर दिन दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल सप्लाई गुजरती है।
हाल के तनाव के कारण इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों की संख्या तेजी से घट गई है। कई शिपिंग कंपनियां अब अपने जहाजों को इस इलाके से दूर ले जाने का फैसला कर रही हैं, जिससे वैश्विक व्यापार और तेल सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।