Mojtaba Khamenei: पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध के बीच ईरान से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। एक ताजा खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई गंभीर रूप से बीमार और बेहोशी की हालत में हैं। बताया जा रहा है कि उनका इलाज ईरान के पवित्र शहर कोम (Qom) में चल रहा है और उनकी स्थिति इतनी नाजुक है कि वे कोई भी फैसला लेने में असमर्थ हैं।
'द टाइम्स' द्वारा उद्धृत एक डिप्लोमेटिक मेमो, जिसे अमेरिकी और इजरायली खुफिया जानकारी पर आधारित माना जा रहा है, उसमें मोजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर गंभीर दावे किए गए है। मेमो के अनुसार, मोजतबा खामेनेई 'गंभीर स्थिति' में हैं और शासन के किसी भी निर्णय में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। पहली बार उनके ठिकाने की पहचान की गई है। उन्हें शिया इस्लाम की धार्मिक राजधानी माने जाने वाले शहर 'कोम' में रखा गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मोजतबा उसी हवाई हमले में घायल हो गए थे, जिसमें युद्ध के पहले दिन उनके पिता अली खामेनेई, मां, पत्नी और बेटे की मौत हो गई थी।
पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के दफन की तैयारी
खुफिया एजेंसियों ने कोम शहर में कुछ संदिग्ध गतिविधियां भी देखी हैं, जो बड़े बदलाव की ओर इशारा कर रही हैं। कोम में एक विशाल मकबरा बनाने का काम चल रहा है। मेमो के अनुसार, वहां एक से अधिक कब्रें तैयार की जा रही हैं। आशंका जताई जा रही है कि यहां पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के साथ-साथ परिवार के अन्य सदस्यों को भी दफन करने की तैयारी हो सकती है।
ईरानी अधिकारियों को डर है कि सार्वजनिक अंतिम संस्कार के दौरान नागरिक विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं या कब्रों को नुकसान पहुंचा सकते हैं, इसलिए इसे बेहद गोपनीय रखा जा रहा है।
उत्तराधिकार के बाद से गायब हैं मोजतबा
मार्च की शुरुआत में ईरान का सुप्रीम लीडर चुने जाने के बाद से मोजतबा खामेनेई एक बार भी सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं, जिससे उनकी सेहत पर सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में एक वीडियो जारी किया गया था जिसमें उन्हें वॉर रूम में इजरायल का नक्शा देखते हुए दिखाया गया, लेकिन विशेषज्ञों का दावा है कि यह वीडियो AI द्वारा बनाया गया है। इससे पहले 30 मार्च को उनकी ओर से एक लिखित संदेश जारी किया गया था जिसमें इराक के समर्थन के लिए आभार जताया गया था, लेकिन उनकी कोई वास्तविक फुटेज सामने नहीं आई है।
वैसे आपको बता दें कि रूस के राजदूत ने हाल ही में कहा था कि मोजतबा खामेनेई देश में ही हैं, लेकिन वे 'जाहिर कारणों' से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आ रहे हैं। रूस और ईरान के बीच पिछले साल हुए रणनीतिक समझौते के कारण रूस वहां की स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है।
नेतृत्व के बिना चल रही है सेना?
एसोसिएटेड प्रेस (AP) की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के कमांड स्ट्रक्चर में बड़ी उलझन दिख रही है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और अन्य सैन्य इकाइयां बिना किसी केंद्रीय नेतृत्व या स्पष्ट कमान के काम कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस समय कोई युद्धविराम समझौता होता है, तो ईरान के कट्टरपंथी गुटों के बीच आपसी मतभेद और गहरे हो सकते हैं।