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नेपाल बाढ़ के 10वें दिन चमत्कार, त्रिशूली 3A हाइड्रो प्रोजेक्ट की सुरंग से आई आवाजें! बचाव दल ने कहा हम आ रहे तो अंदर से ये सुनाई दिया

Nepal Trishuli 3A Hydroelectric Project Tunnel Rescue: नेपाल में भोटेकोशी नदी की विनाशकारी बाढ़ से मची भीषण तबाही के बीच एक चमत्कार सामने आया है। आपदा के 10 दिन बीत जाने के बाद त्रिशूली 3A हाइड्रो प्रोजेक्ट की टनल के अंदर से जीवित बचे लोगों की आवाजें सुनी गई हैं। जब सेना की रेस्क्यू टीम ने टनल में आवाज लगाई तो अंदर से जवाब आया। सांसद श्रीराम न्यौपाने ने भी इसकी पुष्टि की है

Edited By: Abhishek Guptaअपडेटेड Sep 04, 2026 पर 9:00 AM
नेपाल बाढ़ के 10वें दिन चमत्कार, त्रिशूली 3A हाइड्रो प्रोजेक्ट की सुरंग से आई आवाजें! बचाव दल ने कहा हम आ रहे तो अंदर से ये सुनाई दिया
नेपाल की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के सांसद श्रीराम न्यौपाने ने इस चमत्कारिक घटना की पुष्टि की है

Nepal Flood Update: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और त्रासदी के बीच एक ऐसी उम्मीद और चमत्कार की खबर सामने आई है जिसने मातम मना रहे पूरे देश के अंदर एक नई किरण जगा दी है। नेपाल के काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिकत 26 अगस्त को आई तबाही के 10वें दिन त्रिशूली 3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की एक सुरंग से जीवित बचे लोगों की आवाजें सुनाई दी हैं। इस सूचना के बाद नेपाली सेना और सशस्त्र पुलिस बल की टीमों ने सुरंग में अंदर घुसकर बचाव अभियान को तेज कर दिया है।

सांसद और इंजीनियर श्रीराम न्यौपाने का बड़ा दावा

नेपाल की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के सांसद श्रीराम न्यौपाने ने इस चमत्कारिक घटना की पुष्टि की है। न्यौपाने खुद एक इंजीनियर हैं और शुरुआत से ही राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। सांसद न्यौपाने ने सोशल मीडिया और फेसबुक पोस्ट के जरिए जानकारी साझा करते हुए लिखा कि 'त्रिशूली 3A अपडेट: रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है।

यह कन्फर्म हो गया है कि अंदर से एक से ज्यादा लोगों की आवाजें सुनी गई हैं। जब रेस्क्यू टीम ने अंदर पुकारते हुए कहा कि घबराओ मत, हम रेस्क्यू कर रहे हैं, तो अंदर फंसे लोगों की ओर से जवाब आया हां।' उन्होंने आगे कहा कि नेपाली सेना से सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों की संयुक्त टीमों ने सुरंग में उतरकर ऑपरेशन तेज कर दिया है। आपदा के इतने दिनों बाद भी सुरंग के अंदर से इंसानी आवाजें और बातचीत सुनाई देना एक बेहद उत्साहजनक संकेत है।

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