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नेपाल के प्रधानमंत्री ने भारत को लेकर कही ये बात, सांसद में अपने पहले संबोधन में ही उठा दिया सीमा विवाद का मुद्दा

सबसे बड़ा विवाद कालापानी, लिम्पियाधुरा और लिपुलेख क्षेत्र को लेकर है। इसके अलावा दक्षिणी हिस्से में सुस्ता क्षेत्र को लेकर भी दोनों देशों के दावे अलग-अलग हैं। यह विवाद 1816 में हुए Treaty of Sugauli की अलग-अलग व्याख्याओं से जुड़ा हुआ है। नेपाल और भारत दोनों ही इन इलाकों पर अपना दावा करते रहे हैं

Curated By: Shubham Sharmaअपडेटेड May 31, 2026 पर 3:20 PM
नेपाल के प्रधानमंत्री ने भारत को लेकर कही ये बात, सांसद में अपने पहले संबोधन में ही उठा दिया सीमा विवाद का मुद्दा
नेपाल के प्रधानमंत्री ने भारत को लेकर कही ये बात, सांसद में अपने पहले संबोधन में ही उठा दिया सीमा विवाद का मुद्दा

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने रविवार को संसद में अपने पहले संबोधन के दौरान कहा कि भारत के साथ चल रहे सीमा विवाद को बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों के जरिए सुलझाया जाएगा।

सांसदों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नेपाल भारत के साथ अच्छे रिश्ते बनाए रखना चाहता है और दोनों देशों के बीच मौजूद विवादित मुद्दों का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से निकाला जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार संवाद, आपसी सम्मान और कूटनीति को प्राथमिकता देगी।

भारत और नेपाल के बीच करीब 1,751 किलोमीटर लंबी खुली सीमा है। दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक संबंध काफी मजबूत हैं। हालांकि, कुछ इलाकों को लेकर लंबे समय से सीमा विवाद भी बना हुआ है।

सबसे बड़ा विवाद कालापानी, लिम्पियाधुरा और लिपुलेख क्षेत्र को लेकर है। इसके अलावा दक्षिणी हिस्से में सुस्ता क्षेत्र को लेकर भी दोनों देशों के दावे अलग-अलग हैं।

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