Paul Ingrassia: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक प्रमुख संघीय निगरानी एजेंसी का नेतृत्व करने के लिए चुने गए उम्मीदवार पॉल इंग्रासिया ने मंगलवार की शाम अपना नाम वापस ले लिया। उनके नाम वापसी की वजह बने उनके लीक हुए नस्लीय और अतिवादी टेक्स्ट मैसेज, जिनके सामने आने से अमेरिका की राजनीति में हंगामा मच गया था। पॉल इंग्रासिया को इसी हफ्ते सीनेट समिति के सामने अपनी पुष्टि के लिए पेश होना था, लेकिन अब उन्हें यह रेस बीच में ही छोड़नी पड़ी है। सोमवार को पॉलिटिको ने उनके ग्रुप चैट के टेक्स्ट मैसेज जारी किए, जहां इंग्रासिया ने कई भद्दे कमेंट्स किए थे।
'भारतीय पर कभी भरोसा न करें'
इंग्रासिया ने एक टेक्स्ट में पूर्व रिपब्लिकन राष्ट्रपति उम्मीदवार विवेक रामास्वामी का जिक्र करते हुए कहा था, 'कभी भी 'चिनामन' (एशियाई लोगों के लिए अपमानजनक शब्द) या भारतीय पर भरोसा न करें।' उन्होंने एक चैट में खुद को समय-समय पर नाजी विचारधारा वाला भी बताया था। इसके साथ ही इंग्रासिया ने मार्टिन लूथर किंग जूनियर की छुट्टी को 'नरक के सातवें घेरे में फेंक देने' की बात कही थी।
टेक्स्ट सामने आते ही रिपब्लिकन सीनेटरों ने भी इंग्रासिया से हाथ खींच लिए। इंग्रासिया ने ऑनलाइन मैसेज में खुद इस बात की पुष्टि करते हुए कहा, 'मैं गुरुवार की अपनी HSGAC (सीनेट कमेटी) सुनवाई से नाम वापस ले रहा हूं क्योंकि अफसोस है, मेरे पास इस समय पर्याप्त रिपब्लिकन वोट नहीं हैं।' सीनेट में बहुमत दल के नेता जॉन थ्यून ने भी व्हाइट हाउस से इंग्रासिया का नॉमिनेशन वापस लेने की उम्मीद जताई थी।
नाम वापस लेने के बाद भी इंग्रासिया ने ट्रंप की तारीफ करते हुए कहा कि वह 'राष्ट्रपति ट्रंप और प्रशासन की सेवा करना जारी रखेंगे ताकि अमेरिका को फिर से महान बनाया जा सके'।
पॉल जोसेफ इंग्रासिया एक अमेरिकी अटॉर्नी और रूढ़िवादी राजनीतिक टिप्पणीकार हैं, जो अब तक ट्रंप प्रशासन में महत्वपूर्ण पदों पर रहे है। 2025 में वह होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) में व्हाइट हाउस संपर्क अधिकारी के तौर पर काम कर चुके थे। इससे पहले वह थोड़े समय के लिए न्याय विभाग में भी संपर्क अधिकारी रहे। उन्होंने फोर्डहम यूनिवर्सिटी से गणित और अर्थशास्त्र की पढ़ाई की और फिर कॉर्नेल लॉ स्कूल से कानून की डिग्री ली हुई है।
वह अपनी अति-रूढ़िवादी राजनीतिक विचारधारा के लिए जाने जाते है। उन्होंने नेशनल रिव्यू और द डेली कॉलर जैसी पत्रिकाओं के लिए लेख लिखा है। वह एक पॉडकास्ट के सह-मेजबान भी रहे हैं, जिसकी विवादास्पद बातों को अक्सर पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद शेयर करते थे।
हाल में नाम वापस लेने के और मामले
यह पहला मामला नहीं है जब ट्रंप प्रशासन के किसी नॉमिनी को विवाद के चलते पीछे हटना पड़ा है। व्हाइट हाउस ने फ्लोरिडा के पूर्व डिप्टी अटॉर्नी जनरल जॉन गार्ड का न्यायिक नॉमिनेशन रोक दिया, क्योंकि वह एक ऐसे चैरिटी से जुड़े थे जिस पर आपराधिक जांच चल रही थी। पिछले महीने अर्थशास्त्री ई.जे. एंटनी ने श्रम सांख्यिकी ब्यूरो (BLS) के प्रमुख पद से अपना नाम वापस ले लिया, क्योंकि उन पर अयोग्य और अत्यधिक पक्षपाती होने का आरोप था।