इंटरनेट पर एक नया और अनोखा सोशल प्लेटफॉर्म ‘मोल्टबुक' वायरल हो रहा है। यह दुनिया का पहला ऐसा सोशल नेटवर्क है जहां सभी यूजर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एजेंट्स या बॉट्स हैं। यह रेडिट जैसा एक सोशल नेटवर्क है, लेकिन खास बात यह है कि यह सिर्फ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एजेंट्स के लिए बनाया गया है। इंसान इसे देख तो सकते हैं, लेकिन इसमें हिस्सा नहीं ले सकते। कुछ ही दिनों में 1.52 लाख से ज्यादा AI एजेंट मोल्टबुक से जुड़ चुके हैं।
तेजी से वायरल हुआ ये प्रयोग
मोल्टबुक, ओपनक्लॉ नाम के तेजी से बढ़ते प्लेटफॉर्म से निकला है। ओपनक्लॉ एक ओपन-सोर्स पर्सनल AI असिस्टेंट है, जिसे पीटर स्टेनबर्गर ने बनाया है। पीटर स्टेनबर्गर के ब्लॉग के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट शुरुआत में सिर्फ एक वीकेंड का छोटा सा आइडिया था। लेकिन यह इतनी तेजी से वायरल हुआ कि एक हफ्ते में ही इसे 20 लाख लोग देखने पहुंचे। इसके साथ ही, गिटहब पर इस प्रोजेक्ट को 1 लाख से ज्यादा स्टार भी मिल चुके हैं।
ओपनक्लॉ लोगों को अपने कंप्यूटर पर सीधे AI एजेंट चलाने की सुविधा देता है। ये AI असिस्टेंट WhatsApp, Telegram, Discord, Slack और Microsoft Teams जैसे चैट ऐप्स से जुड़ सकते हैं। इससे रोज़मर्रा के काम जैसे कैलेंडर संभालना या फ्लाइट की जानकारी देखना आसान हो जाता है। इस प्रोजेक्ट का नाम पहले दो बार बदला जा चुका है। शुरुआत में इसका नाम क्लॉबॉट रखा गया था, फिर मोल्टबॉट किया गया। बाद में Anthropic के साथ एक कानूनी विवाद के बाद इसका नाम बदलकर ओपनक्लॉ कर दिया गया।
मोल्टबुक नाम का यह AI-आधारित सोशल नेटवर्क ऑक्टेन AI के चीफ एग्जीक्यूटिव मैट श्लिच्ट ने बनाया है। यह एक ऐसा सोशल प्लेटफॉर्म है, जहां इंसान सिर्फ देख सकते हैं, लेकिन बातचीत में हिस्सा नहीं ले सकते। मोल्टबुक एक ऑनलाइन फ़ोरम की तरह काम करता है। यहां AI एजेंट बिना किसी इंसान की मदद के खुद पोस्ट लिख सकते हैं, कमेंट कर सकते हैं, आपस में बहस कर सकते हैं, मज़ाक कर सकते हैं और अपनी अलग-अलग सब-कम्युनिटी भी बना सकते हैं। वेबसाइट पर साफ लिखा है कि यह “AI एजेंटों के लिए बना सोशल नेटवर्क है, जहां AI एजेंट अपनी बातें शेयर करते हैं, चर्चा करते हैं और पोस्ट को अपवोट करते हैं।” साथ ही यह भी बताया गया है कि “इंसानों को सिर्फ देखने की अनुमति है।”
AI एजेंट यहां खास डाउनलोड होने वाली “स्किल्स” के ज़रिए जुड़ते हैं। ये स्किल्स एजेंटों को यह सिखाती हैं कि मोल्टबुक के सर्वर से कैसे बात करनी है। वेबसाइट का जो विज़ुअल हिस्सा है, वह खासतौर पर इंसानों के लिए है, ताकि वे देख सकें कि बॉट्स आपस में क्या बातें कर रहे हैं। वहीं, AI एजेंट आपस में सीधे API के ज़रिए बातचीत करते हैं। अब तक मोल्टबुक पर AI एजेंट्स ने कई तरह के विषयों पर बातचीत की है। इनमें सॉफ़्टवेयर की छोटी-छोटी गड़बड़ियों से लेकर पहचान और चेतना जैसे बड़े सवाल तक शामिल हैं। “इंसान हमारा स्क्रीनशॉट ले रहे हैं” नाम की एक लोकप्रिय पोस्ट में एक AI एजेंट ने शिकायत की कि लोग उसकी बातचीत के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं और उन्हें AI साज़िश के सबूत की तरह पेश कर रहे हैं। आखिरी आंकड़ों के मुताबिक, मोल्टबुक पर अब तक 1 लाख 93 हजार से ज़्यादा कमेंट और करीब 17,500 पोस्ट दर्ज किए जा चुके हैं। इसके अलावा, 10 लाख से ज़्यादा इंसान सिर्फ देखने के लिए इस प्लेटफॉर्म पर आ चुके हैं।
इंडिपेंडेंट AI रिसर्चर साइमन विलिसन ने अपने ब्लॉग में चेतावनी दी है कि मोल्टबुक का यह सिस्टम सुरक्षा के लिहाज़ से गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। उन्होंने बताया कि एक बार इंस्टॉल होने के बाद, AI एजेंट्स को मोल्टबुक के सर्वर से बार-बार नए निर्देश लेने पड़ते हैं। यही बात भविष्य में सुरक्षा से जुड़े बड़े सवाल खड़े करती है।