Get App

Nirav Modi Extradition: 'उसे भारत की जेल में होना चाहिए...'; नीरव मोदी के प्रत्यर्पण को लेकर ब्रिटेन की पूर्व गृह मंत्री का बड़ा बयान

Nirav Modi India Extradition: ब्रिटेन की पूर्व गृह मंत्री प्रीति पटेल ने नीरव मोदी के प्रत्यर्पण मामले को ब्रिटेन द्वारा संभालने के तरीके की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि इस लंबी देरी से भारत के साथ भरोसे को नुकसान पहुंचा है। साथ ही कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग मुश्किल हो गया है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Jul 28, 2026 पर 7:34 AM
Nirav Modi Extradition: 'उसे भारत की जेल में होना चाहिए...'; नीरव मोदी के प्रत्यर्पण को लेकर ब्रिटेन की पूर्व गृह मंत्री का बड़ा बयान
Nirav Modi India Extradition: पूर्व UK गृह मंत्री प्रीति पटेल ने कहा कि नीरव मोदी के प्रत्यर्पण में देरी से भारत-ब्रिटेन रिश्तों को नुकसान पहुंचा है

Nirav Modi India Extradition: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के करीब 2 अरब डॉलर (USD 2 Billion) के कथित घोटाले के मुख्य आरोपी और भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण में हो रही लंबी देरी को लेकर ब्रिटेन की पूर्व गृह मंत्री प्रीति पटेल ने अपनी ही सरकार और न्यायिक व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस मामले में देरी ने भारत और ब्रिटेन के बीच भरोसे को कमजोर किया है। पटेल ने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों पर भी नकारात्मक असर पड़ा है।

प्रीति पटेल ने कहा कि उन्हें यह देखकर बेहद दुख और हैरानी होती है कि नीरव मोदी अब भी ब्रिटेन में है। जबकि उसे काफी पहले भारत भेज दिया जाना चाहिए था। बता दें कि अप्रैल 2021 में पटेल ने ही नीरव मोदी के प्रत्यर्पण आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। ब्रिटेन की अदालतों ने उसके खिलाफ प्रथम दृष्टया पर्याप्त सबूत पाए थे।

"उसे भारत की जेल में होना चाहिए था"

द डेली टेलीग्राफ के एक पॉडकास्ट The Diamond King में बातचीत के दौरान प्रीति पटेल ने कहा कि यदि ब्रिटेन की न्याय व्यवस्था सही तरीके से काम कर रही होती, तो नीरव मोदी आज ब्रिटेन में नहीं बल्कि भारत की जेल में अपनी सजा काट रहा होता। उन्होंने कहा कि प्रत्यर्पण कानूनों और दोनों देशों के बीच हुए समझौतों का उद्देश्य ही यही है कि आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के लिए उसके देश भेजा जाए। लेकिन इस मामले में लगातार हो रही देरी ब्रिटेन की व्यवस्था का खुला दुरुपयोग है और यह ब्रिटिश करदाताओं के साथ भी अन्याय है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें