Operation Epic Fury: अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध अब एक विनाशकारी मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ऐलान किया है कि 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के शुरू होने के 100 घंटों के भीतर ईरानी सैन्य शक्ति को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। अमेरिकी नौसेना के एडमिरल ब्रैड कूपर के अनुसार, ईरान की पूरी नौसेना को समुद्र में डुबोने का अभियान सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है।
100 घंटे में 2,000 ठिकाने तबाह
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने एक वीडियो संदेश में ऑपरेशन की सफलता का ब्योरा दिया। उन्होंने बताया, पिछले 100 घंटों में अमेरिका ने 2,000 से अधिक घातक हथियारों से 2,000 से ज्यादा लक्ष्यों पर हमला किया है। अमेरिका ने ईरान के सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चरों, ड्रोनों और एयर डिफेंस सिस्टम को मलबे में तब्दील कर दिया है। एडमिरल कूपर ने सीधे शब्दों में कहा, 'हमारा फोकस उन सभी चीजों को खत्म करने पर है जो हम पर हमला कर सकती हैं।'
ईरानी नौसेना का सफाया, 17 जहाज और पनडुब्बी डूबी
इस युद्ध में ईरान की समुद्री ताकत को सबसे बड़ी चोट पहुंची है। अमेरिका ने अब तक ईरान के 17 नौसैनिक जहाजों को डुबो दिया है। ईरान की सबसे घातक पनडुब्बी को भी निशाना बनाया गया है, जिसके किनारे पर एक बड़ा छेद हो गया है और वह अब बेकार हो चुकी है। अमेरिका का दावा है कि आज अरब की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य या ओमान की खाड़ी में ईरान का एक भी जहाज मौजूद नहीं है।
50,000 सैनिक और 200 लड़ाकू विमान मैदान में
अमेरिका ने इस मिशन के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। बी-2 और बी-1 जैसे विशाल बमवर्षक विमान बिना रुके ईरान के सैन्य ठिकानों पर 'सर्जिकल स्ट्राइक' कर रहे हैं। इस ऑपरेशन में 50,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक और 200 से ज्यादा लड़ाकू विमान शामिल हैं।
ईरान कर रहा पलटवार, पर घट रही है ताकत
ईरान ने भी अपनी ओर से भारी जवाबी कार्रवाई की है, लेकिन अमेरिका का मानना है कि ईरान अब कमजोर पड़ रहा है। ईरान ने 500 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें और 2,000 से ज्यादा ड्रोन दागे हैं। एडमिरल कूपर ने आकलन किया है कि ईरान की हमला करने की क्षमता लगातार घट रही है, जबकि अमेरिका की युद्धक शक्ति हर घंटे बढ़ रही है।