Pakistan-Afghan War: अगस्त 2021 में जब तालिबान ने काबुल पर कब्जा किया था, तब पाकिस्तान में जश्न का माहौल था। इस्लामाबाद को लगा था कि उसने अफगानिस्तान में अपनी पसंद की सरकार बनवाकर 'मास्टरस्ट्रोक' खेल दिया है। लेकिन 2026 तक आते-आते तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। आज दोनों देशों की सेनाएं डूरंड लाइन पर एक-दूसरे पर गोले बरसा रही हैं और हालात युद्ध जैसे हो गए है। आखिर ऐसा क्या हुआ कि पाकिस्तान का 'रणनीतिक दोस्त' उसके लिए 'एक बुरा ख्वाब' बन गया? आइए आपको बताते हैं इसके पीछे के तीन प्रमुख कारण।
