Pakistan Afghanistan War: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने 'ऑपरेशन गजब लिल-हक' की जानकारी देते हुए तालिबान सरकार पर तीखा हमला बोला। पाकिस्तान, जो कभी तालिबान की वापसी पर जश्न मना रहा था, अब उसे ही आतंकियों का 'मास्टर प्रॉक्सी' और एक अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन करार दे रहा है। सीमा पर जारी इस भीषण संघर्ष में दोनों तरफ से भारी नुकसान की खबरें हैं।
तालिबान बना पाकिस्तान का 'दुश्मन नंबर 1'
डीजी आईएसपीआर ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में अफगान-तालिबान शासन को आतंकवादियों का मुख्य संरक्षक बताया। पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि तालिबान सरकार खुद एक 'मास्टर प्रॉक्सी' की तरह काम कर रही है और आतंकियों के साथ मिलकर पाकिस्तानी सीमा पर हमले कर रही है। यह पाकिस्तान की नीति में 180 डिग्री का बदलाव है। 2021 में जिस तालिबान को पाकिस्तान अपना 'रणनीतिक साथी' बता रहा था, आज उसे ही एक घोषित आतंकी संगठन कह रहा है।
DG ISPR ने ऑपरेशन 'गजब लिल-हक' की तबाही का दिया ब्योरा
पाकिस्तानी सेना ने दावा किया है कि उसने अफगानिस्तान के भीतर घुसकर बड़े पैमाने पर सैन्य ठिकानों को तबाह किया है। सेना का दावा है कि इस ऑपरेशन में अब तक 274 अफगान सैनिक और आतंकी मारे गए हैं और 400 से ज्यादा घायल हुए हैं। पाकिस्तान के अनुसार, उन्होंने तालिबान के 115 टैंक, बख्तरबंद गाड़ियां और तोपें नष्ट कर दी हैं। इसके अलावा 83 चौकियां पूरी तरह तबाह कर दी गई हैं। काबुल, कंधार और खोस्त समेत 22 प्रमुख लोकेशन्स पर हमले किए गए। इनमें तालिबान के ब्रिगेड मुख्यालय, गोला-बारूद के डिपो और लॉजिस्टिक बेस शामिल थे।
पाकिस्तान को भी झेलना पड़ा नुकसान
भले ही पाकिस्तानी सेना अपनी बढ़त का दावा कर रही है, लेकिन उसने अपने सैनिकों की मौत की बात भी स्वीकार की है। इस संघर्ष में पाकिस्तान के 12 सैनिक मारे गए हैं और 27 घायल हुए हैं, जबकि एक सैनिक अभी भी लापता है। दूसरी ओर, अफगान अधिकारियों ने भी दावा किया है कि उन्होंने कई पाकिस्तानी चौकियों पर कब्जा कर लिया है और डूरंड लाइन पर पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान पहुंचाया है।