पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुक्रवार को एक शिया मस्जिद में हुए भीषण आत्मघाती धमाके में कम से कम 31 लोगों की मौत हो गई, जबकि 169 से ज्यादा लोग घायल हो गए। यह धमाका संघीय राजधानी के तरलाई इलाके में स्थित खदीजतुल कुबरा मस्जिद-कम-इमामबाड़ा में हुआ।
पाकिस्तानी अखबार Dawn ने पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया, शुक्रवार की नमाज के दौरान एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया। हमलावर को इमामबाड़े के गेट पर रोका गया था, जिसके बाद उसने विस्फोट कर दिया। कई लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद पुलिस और राहत-बचाव टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में ले जाया गया, जहां इमरजेंसी घोषित कर दी गई। टीवी फुटेज और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में पुलिसकर्मी और स्थानीय लोग घायलों को अस्पताल पहुंचाते नजर आए।
यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव पाकिस्तान के दो दिवसीय दौरे पर हैं। वह गुरुवार को ही पाकिस्तान पहुंचे थे।
इस हमले की राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कड़ी निंदा की। राष्ट्रपति जरदारी ने कहा, “निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना इंसानियत के खिलाफ अपराध है।” प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने घटना पर गहरा दुख जताया और हमले की कड़ी निंदा की।
सीनेट में विपक्ष के नेता अल्लामा राजा नासिर अब्बास ने कहा कि पूजा स्थलों को निशाना बनाना इंसानियत, धर्म और सामाजिक मूल्यों पर सीधा हमला है, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
संसदीय मामलों के मंत्री तारिक फ़ज़ल चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस हमले को “कायराना हरकत” बताया। वहीं, गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने भी धमाके की निंदा की और अधिकारियों को घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज मुहैया कराने के निर्देश दिए।
पुलिस ने बताया कि धमाके की प्रकृति की जांच की जा रही है, हालांकि शुरुआती तौर पर यह आत्मघाती हमला लग रहा है। अभी तक किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हमलावर एक विदेशी नागरिक था और उसके फितना अल ख्वारिजी से जुड़े होने के संकेत मिले हैं, जिसे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द बताया गया है।
यह हमला इस्लामाबाद में हुए पिछले आत्मघाती हमले के तीन महीने से भी कम समय बाद हुआ है। नवंबर में जिला और सत्र न्यायालय की इमारत के बाहर हुए धमाके में 12 लोगों की मौत हुई थी। इसके अलावा, यह हमला बलूचिस्तान में हाल ही में हुए कई आतंकी हमलों के बाद हुआ है, जहां बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) के हमलों में करीब 50 लोगों की जान गई थी।