पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुक्रवार की नमाज के दौरान एक इमामबाड़े में हुए धमाके में कम से कम 31 लोगों की मौत हो गई, जबकि 169 लोग घायल हो गए। यह जानकारी पुलिस के एक प्रवक्ता ने दी। यह विस्फोट इस्लामाबाद के तरलाई इलाके में स्थित एक इमामबाड़े में हुआ। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू 1122 की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।
Dawn के मुताबिक, इस्लामाबाद कैपिटल टेरिटरी पुलिस के प्रवक्ता तकी जवाद ने बताया कि अभी धमाके की प्रकृति को लेकर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। फॉरेंसिक टीमें जांच करेंगी कि यह आत्मघाती हमला था या पहले से लगाया गया बम।
घटना के बाद संघीय राजधानी के पॉलीक्लिनिक, पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) और CDA अस्पताल में आपातकाल घोषित कर दिया गया है।
PIMS के कार्यकारी निदेशक (ED) के निर्देश पर अस्पताल में इमरजेंसी लागू की गई है। डॉन से बात करते हुए अस्पताल के प्रवक्ता ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि मुख्य इमरजेंसी, ऑर्थोपेडिक, बर्न सेंटर और न्यूरोलॉजी विभागों को सक्रिय कर दिया गया है।
घायलों को PIMS और पॉलीक्लिनिक अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है।
संसदीय मामलों के मंत्री तारिक फजल चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए इस हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने इस “कायराना हरकत” में जान गंवाने वालों पर गहरा दुख जताया। मंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
उन्होंने कहा, “इस तरह के आतंकी हमले देश के हौसले को नहीं तोड़ सकते। इस समय ज़रूरत है कि हम सभी शांति, सहिष्णुता और स्थिरता के लिए एकजुट हों और कानून लागू करने वाली एजेंसियों के साथ एकजुटता दिखाएं।”
लोगों से ब्लड डोनेट करने की अपील
सीनेट में विपक्ष के नेता अल्लामा राजा नासिर अब्बास ने इस घटना में हुई मौतों पर गहरा दुख जताया है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा, “संघीय राजधानी में इस तरह की आतंकी घटना न सिर्फ लोगों की जान बचाने में गंभीर नाकामी को दिखाती है, बल्कि प्रशासन और कानून व्यवस्था संभालने वाली एजेंसियों के कामकाज पर भी बड़ा सवाल खड़ा करती है।”
अल्लामा अब्बास ने हमले की कड़ी निंदा की और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई।
उन्होंने कहा, “पूजा स्थलों को निशाना बनाना इंसानियत, धर्म और सामाजिक मूल्यों पर सीधा हमला है, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।”
इसके साथ ही उन्होंने इस्लामाबाद के युवाओं से अपील की कि वे अस्पतालों में रक्तदान करें और “कीमती जिंदगियों को बचाने में अपना योगदान दें।”
यह घटना 11 नवंबर 2025 को इस्लामाबाद के G-11 इलाके में जिला और सत्र न्यायालय के बाहर हुए आत्मघाती धमाके के तीन महीने से भी कम समय बाद हुई है। उस हमले में 12 लोगों की मौत हुई थी और 30 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।