रूस के डिप्टी डिफेंस मिनिस्टर और सैन्य खुफिया एजेंसी GRU के एक वरिष्ठ अधिकारी व्लादिमीर अलेक्सेव को शुक्रवार को मॉस्को में गोली मार दी गई। रूसी अधिकारियों का कहना है कि यह घटना हत्या की कोशिश हो सकती है। रूसी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गोली लगने के बाद अलेक्सेव को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। वहीं, हमला करने वाला व्यक्ति वारदात के बाद मौके से फरार हो गया। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और सुरक्षा एजेंसियां हमलावर की तलाश में जुटी हुई हैं।
हाईवे के पास गोलीबारी की घटना
यह घटना वोलोकोलामस्कोये हाईवे पर एक रिहायशी इमारत के पास हुई। रूसी मीडिया आउटलेट SHOT के मुताबिक, हमलावर ने भागने से पहले अधिकारी की पीठ में कई गोलियां मारीं। फिलहाल मॉस्को पुलिस संदिग्ध की तलाश कर रही है। माना जा रहा है कि हमलावर पहले से वहां मौजूद था और अलेक्सेव के आने का इंतजार कर रहा था। SHOT ने यह भी बताया कि हमलावर ने वोलोकोलामस्कोये हाईवे पर स्थित रिहायशी इमारत के पास रूसी रक्षा मंत्रालय के लेफ्टिनेंट जनरल को निशाना बनाया। इस मामले में रूसी जांच समिति ने आधिकारिक जांच शुरू कर दी है।
कौन हैं व्लादिमीर अलेक्सेव
व्लादिमीर अलेक्सेव साल 2011 से रूस की सैन्य खुफिया एजेंसी GRU में पहले डिप्टी प्रमुख के पद पर रहे हैं। GRU के कई अहम ऑपरेशनों में उनकी बड़ी भूमिका मानी जाती है। अलेक्सेव पर पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं। साल 2016 में अमेरिका ने उन पर अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के दौरान “हानिकारक साइबर गतिविधियों” को अंजाम देने का आरोप लगाते हुए प्रतिबंध लगाए थे। इसके अलावा, 2018 में यूनाइटेड किंगडम और यूरोपीय संघ ने उन पर पूर्व रूसी एजेंट सर्गेई स्क्रिपल और उनकी बेटी पर ब्रिटेन के सैलिसबरी में हुए रासायनिक हमले में कथित भूमिका के चलते प्रतिबंध लगाए थे।
अगस्त 2022 में कनाडा ने यूक्रेन पर रूस के बड़े सैन्य हमले में उनकी कथित भूमिका को लेकर उन पर प्रतिबंध लगाए थे। इससे पहले, क्रेमलिन ने साल 2017 में व्लादिमीर अलेक्सेव को “हीरो ऑफ द रशियन फेडरेशन” का सम्मान दिया था। इसके अलावा, साल 2023 में हुए वैगनर समूह के विद्रोह को काबू में करने में भी उनकी अहम भूमिका बताई जाती है। उस समय उन्हें उन वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल किया गया था, जिन्हें वैगनर प्रमुख येवगेनी प्रिगोज़िन से बातचीत के लिए भेजा गया था।