पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में किया मिसाइल अटैक, कई शहरों में तबाही; 11 मासूमों समेत 13 की मौत

Pakistan Air Strike Afghanistan: मिडिल इस समय दुनिया का हॉटस्पॉट बना हुआ है। ईरान-अमेरिका और इजरायल के बीच महीनों से जंग जारी है दूसरी तरफ पाकिस्तान ने भी अपने पड़ोसी अफगानिस्तान पर हमला झोंक दिया है

अपडेटेड Jun 10, 2026 पर 10:29 AM
इस अचानक हुए हमले में 11 मासूम बच्चों समेत कम से कम 13 आम नागरिकों की दर्दनाक मौत हो गई है

Pakistan Air Strikes In Afghanistan: एक तरफ जहां खाड़ी में भयंकर युद्ध चल रहा है दूसरी तरफ पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव अब बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। बुधवार को पाकिस्तान की वायुसेना ने पूर्वी अफगानिस्तान के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए है। तालिबान प्रशासन के मुताबिक, इस अचानक हुए हमले में 11 मासूम बच्चों समेत कम से कम 13 आम नागरिकों की दर्दनाक मौत हो गई है। इस सैन्य कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच सीमा पर युद्ध जैसे हालात बन गए हैं।

अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस हमले की पुष्टि करते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। मुजाहिद के मुताबिक, पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने अफगानिस्तान के तीन प्रांतों- खोस्त, कुनार और पक्तिका को निशाना बनाया।

तालिबान प्रवक्ता ने लिखा, 'इस कायराना हमले के नतीजे में 11 बच्चों, एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति की जान चली गई है'। तालिबान ने इसे 'मानवीय अपराध और संप्रभुता पर सीधा हमला' करार दिया है। हालांकि, इस घातक सैन्य कार्रवाई पर पाकिस्तान सरकार या उसकी सेना की तरफ से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान या पुष्टि नहीं आई है।


घर के ऊपर दागीं मिसाइलें, मलबे में तब्दील हुए आशियाने

स्थानीय अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह हमला पूरी तरह रिहायशी इलाकों पर हुआ:

खोस्त प्रांत: यहां के स्पेरा जिले में एक हवाई हमले ने सीधे एक घर को निशाना बनाया, जिससे एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत हो गई और 10 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

पक्तिका प्रांत: यहां के बरमल जिले में हुए दूसरे हवाई हमले में 3 नागरिकों की मौत हो गई। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, निशाना बनाए गए घर में सिर्फ मासूम बच्चे मौजूद थे, जो इस हमले का शिकार हो गए।

UN में भारत ने पाकिस्तान को जमकर घेरा

हैरानी की बात यह है कि यह हवाई हमले ऐसे समय में हुए हैं, जब ठीक एक दिन पहले भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में अफगानिस्तान के भीतर पाकिस्तान द्वारा की जा रही एयरस्ट्राइक और उसमें बड़े पैमाने पर मारे जा रहे मासूम नागरिकों का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया था।

इससे पहले 21 मई को भी संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वतनेनी ने पाकिस्तान पर अफगानिस्तान में सीमा पार से हिंसा फैलाने का आरोप लगाया था, जिसके कारण सैकड़ों नागरिकों की मौत और घायल होने की खबरें आई थीं। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल के शुरुआती तीन महीनों में ही इस सीमावर्ती संघर्ष में 372 अफगान नागरिक मारे जा चुके हैं और 397 घायल हुए हैं।

2021 से ही क्यों सुलग रहा है पाकिस्तान-अफगानिस्तान बॉर्डर?

साल 2021 में जब से अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता वापसी हुई है, तभी से दोनों देशों के रिश्ते बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। इस्लामाबाद का दावा है कि तालिबान सरकार अपनी जमीन पर प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन 'तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान' (TTP) को पनाह दे रही है, जो पाकिस्तान में लगातार आतंकी हमलों को अंजाम दे रहा है।

दूसरी तरफ तालिबान इन आरोपों को खारिज करता आया है। उसका कहना है कि पाकिस्तान खुद अफगानिस्तान की संप्रभुता के खिलाफ काम करने वाले विरोधी गुटों को बढ़ावा देता है। अक्टूबर 2025 में काबुल में हुए सिलसिलेवार धमाकों के बाद इन दोनों देशों के रिश्ते पूरी तरह पटरी से उतर चुके हैं और ताजा एयरस्ट्राइक ने इस आग में घी डालने का काम किया है।

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