Pakistan Mall Fire: पाकिस्तान के कराची में एक पुराने शॉपिंग मॉल में लगी भीषण आग में मरने वालों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है। मलबे से आठ और शव मिलने के बाद इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़ गई है। जियो टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने आशंका जताई है कि जैसे-जैसे तलाशी अभियान जारी रहेगा, यह संख्या और बढ़ सकती है। गुल प्लाजा में शनिवार रात लगी आग पर रविवार रात तक काबू पा लिया गया। इस मॉल में ग्राउंड फ्लोर और दूसरी मंजिलों पर थोक और रिटेल दुकानें थीं।
लोगों की मौत दम घुटने से हुई। जबकि कई घायलों को अस्पताल भेजा गया है। हालांकि, आग तेजी से फैलने के कारण बचाव दल अंदर नहीं जा सके। इस बाजार में सभी मंजिलों पर करीब 1,200 दुकानें थीं। यह 1980 के दशक की शुरुआत से सदर व्यावसायिक इलाके में एम. ए. जिन्ना रोड पर स्थित कराची के प्रमुख स्थलों में से एक रहा है। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को भी इमारत से धुआं निकल रहा था, जिससे लापता लोगों को ढूंढने में मुश्किल हो रही थी।
रेस्क्यू 1122 सिंध के प्रवक्ता हसन खान ने बताया कि अब तक 21 शव बरामद किए जा चुके हैं। सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है। उन्होंने कहा, "तलाशी जारी रहेगी, क्योंकि बुरी तरह से क्षतिग्रस्त इमारत के अंदर ढांचा गिरने की आशंका बनी हुई है।" पाकिस्तान नेवी की रेस्क्यू टीम के सदस्य मोहम्मद शाह ने इस घटना को गहरी आग बताया। साथ ही कहा कि आग बुझने के बावजूद मलबे से धुआं निकल रहा था। फायरफाइटर्स ने बताया कि आग पर 95 प्रतिशत काबू पा लिया गया है। अब कूलिंग ऑपरेशन चल रहा है।
सोमवार सुबह मौके पर पहुंचे सिंध के गवर्नर कामरान टेसोरी ने मीडिया से कहा कि अभी भी इमारत के अंदर 70 लोग फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा, "हम बेहद चिंतित और व्यथित हैं। उन्हें खोजने के प्रयास जारी हैं। लेकिन यह एक राष्ट्रीय त्रासदी है।" अधिकारियों ने बताया कि बिल्डिंग के आगे और पीछे के हिस्सों की दीवारें गिर गई हैं। जबकि अंदर दरारें पाई गई हैं।
DIG (दक्षिण) सैयद असद रजा ने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि जीवित लोगों की तलाश के लिए अभी काफी हिस्सा खंगालना बाकी है। उन्होंने कहा कि आग लगने की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट हो सकता है। हालांकि, कारण की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने कहा कि अधिकारी अभी भी मरने वालों की सही संख्या पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि गुल प्लाजा में आए करीब 65 लोग अभी भी लापता हैं। इससे यह डर है कि मरने वालों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है।
हाल के वर्षों में गुल प्लाजा कराची का पहला शॉपिंग मॉल नहीं है जहां आग लगी हो। सुरक्षा इंतजामों की कमी, अपर्याप्त फायर ब्रिग्रेड की व्यवस्था और अवैध निर्माण आदि के कारण ऐसे कई हादसे हो चुके हैं। इससे पहले साल 2012 में बल्दिया टाउन की एक गारमेंट फैक्ट्री में लगी आग में कम से कम 259 लोगों की मौत हो गई थी।