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पाकिस्तान के सबसे ताकतवर मौलाना को जान का खतरा, कौन हैं फजलुर रहमान और कौन इन्हें मारना चाहता है?

मौलाना फजलुर रहमान द्वारा सैन्य प्रतिष्ठान पर लगाए गए ये आरोप बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, क्योंकि यह ठीक उसी तरह के आरोप हैं जो जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पार्टी पीटीआई द्वारा लगातार लगाए जाते रहे हैं। इमरान खान और उनकी पार्टी भी लगातार पाकिस्तान की मिलिट्री पर राजनीति में दखल देने, पॉलिटिकल इंजीनियरिंग करने और विपक्षी नेताओं को जानबूझकर निशाना बनाने के आरोप लगाती आई है

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड May 21, 2026 पर 10:28 PM
पाकिस्तान के सबसे ताकतवर मौलाना को जान का खतरा, कौन हैं फजलुर रहमान और कौन इन्हें मारना चाहता है?
पाकिस्तान की सियासत में इस समय एक बहुत बड़ा भूचाल आया हुआ है।

पाकिस्तान की सियासत में इस समय एक बहुत बड़ा भूचाल आया हुआ है। देश के सबसे रसूखदार और ताकतवर धार्मिक-राजनीतिक नेताओं में शुमार मौलाना फजलुर रहमान (Maulana Fazlur Rehman) ने अपनी जान को खतरा बताते हुए एक ऐसा बयान दिया है जिसने बवाल मचा दिया है। इस बयान ने सीधे तौर पर पाकिस्तान की सेना और खुफिया एजेंसी को कटघरे में खड़ा कर दिया है। कराची में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मौलाना फजलुर रहमान ने खुलेआम दहाड़ते हुए कहा कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं और अगर कल को उनकी हत्या होती है, तो इसके लिए सीधा जिम्मेदार वहां का एस्टेब्लिशमें' यानी देश की मिलिट्री होगी।

मौलाना फजलुर रहमान के इस हालिया बयान ने पाकिस्तान के राजनीतिक गलियारों में एक नया तूफान खड़ा कर दिया है। जेयूआई-एफ के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने इस बात का सार्वजनिक रूप से दावा किया कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें लगातार डराने-धमकाने वाले फोन कॉल्स और चिट्ठियां भेजी जा रही हैं।

हाइब्रिड शासन और विदेश नीति पर तीखा प्रहार

अपनी इस जनसभा के दौरान वरिष्ठ मौलाना ने पाकिस्तान की मौजूदा राजनीतिक दिशा और उसकी कमजोर विदेश नीति की भी चौतरफा आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समय पूरा पाकिस्तान एक सिविल-मिलिट्री हाइब्रिड शासन के तहत बंधक बनकर रह गया है, जहां नागरिक सरकार के साथ मिलकर सैन्य प्रतिष्ठान पर्दे के पीछे से सब कुछ संभाल रहा है। इसके साथ ही उन्होंने सीमा की सुरक्षा और पड़ोसी देशों से रिश्तों पर बात करते हुए दावा किया कि सरकार की नकारात्मक नीतियों के कारण ही इस समय भारत और अफगानिस्तान दोनों के साथ पाकिस्तान के संबंध पूरी तरह खराब हो चुके हैं। इससे दोनों देशों की सीमाएं व्यावहारिक रूप से बंद पड़ी हैं। उन्होंने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि अब चीन जैसी महाशक्ति भी पाकिस्तान पर भरोसा नहीं करती है।

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