ईरान के लिए 'लाइफलाइन' बनेगा पाकिस्तान! समुद्री रास्तों पर ट्रंप की घेराबंदी के बीच लिया ये बड़ा फैसला

Pakistan-Iran Land Route: 28 फरवरी को ईरान पर हुए अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद से होमुर्ज का रास्ता लगभग बंद है। कराची बंदरगाह पर पिछले कई दिनों से ईरान जाने वाले 3,000 से ज्यादा कंटेनर फंसे हुए हैं। ईरानी बंदरगाहों पर समुद्री व्यापार रुकने के कारण अब पाकिस्तान के जरिए जमीनी मार्ग ही एकमात्र विकल्प बचा है

अपडेटेड Apr 27, 2026 पर 11:43 AM
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अगर पाकिस्तान ये रास्ते नहीं खोलता है तो ईरान में हाहाकार मच सकता है

Pakistan-Iran Land Routes: अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध और होमुर्ज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी के कारण मिडिल ईस्ट में समुद्री व्यापार ठप हो गया है। हजारों कंटेनर बंदरगाहों पर फंसे हुए हैं। इस संकट को देखते हुए पाकिस्तान सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए ईरान तक सामान पहुंचाने के लिए 6 स्पेशल जमीनी रास्तों को खोलने का ऐलान किया है।

क्यों पड़ी इन रास्तों की जरूरत?

28 फरवरी को ईरान पर हुए अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद से होमुर्ज का रास्ता लगभग बंद है। कराची बंदरगाह पर पिछले कई दिनों से ईरान जाने वाले 3,000 से ज्यादा कंटेनर फंसे हुए हैं। ईरानी बंदरगाहों पर समुद्री व्यापार रुकने के कारण अब पाकिस्तान के जरिए जमीनी मार्ग ही एकमात्र विकल्प बचा है। यही वजह है कि पाकिस्तान ने जमीनी रास्तों को खोलने का फैसला किया है।


ये हैं वो 6 प्रमुख रूट्स

पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्रालय ने 'ट्रांजिट ऑफ गुड्स थ्रू टेरिटरी ऑफ पाकिस्तान ऑर्डर 2026' के तहत इन रास्तों को मंजूरी दी है:

  1. ग्वादर से गब्द
  2. कराची/पोर्ट कासिम – ल्यारी – ओमारा – पसनी – गब्द
  3. कराची/पोर्ट कासिम – खुजदार – दालबंदिन – ताफ्तान
  4. ग्वादर – तुरबत – होशब – पंजगुर – खुजदार – क्वेटा – ताफ्तान
  5. ग्वादर – ल्यारी – खुजदार – क्वेटा – ताफ्तान
  6. कराची/पोर्ट कासिम – ग्वादर – गब्द

'बैंक गारंटी' के साथ सख्त नियम लागू

ईरान जाने वाले सामान को पाकिस्तान के रास्ते ले जाने के लिए कुछ कड़े नियम बनाए गए हैं। व्यापारियों को एक इनकैशेबल बैंक गारंटी देनी होगी, जो पाकिस्तान में लगने वाले इंपोर्ट ड्यूटी के बराबर होगी। माल को एक कंटेनर से दूसरे कंटेनर या परिवहन के दूसरे साधनों में ट्रांसफर करने की अनुमति दी गई है, लेकिन यह कस्टम कानूनों के तहत ही होगा। सारा माल परिवहन कस्टम एक्ट और फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू (FBR) द्वारा निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार ही रेगुलेट किया जाएगा।

क्या है 'ट्रांजिट' का मतलब?

नोटिफिकेशन के मुताबिक, 'ट्रांजिट' का मतलब उन सामानों की आवाजाही है जो किसी तीसरे देश से आ रहे हैं और पाकिस्तान के रास्ते ईरान जा रहे हैं। यानी पाकिस्तान का इलाका केवल एक गलियारे के रूप में इस्तेमाल होगा, जहां यात्रा पाकिस्तान की सीमाओं के बाहर शुरू और खत्म होगी।

2008 के समझौते का सहारा

पाकिस्तान ने यह कदम जून 2008 में ईरान के साथ किए गए 'इंटरनेशनल ट्रांसपोर्ट ऑफ पैसेंजर्स एंड गुड्स बाय रोड' समझौते के तहत उठाया है। इसका उद्देश्य संकट के समय में क्षेत्रीय व्यापार को जारी रखना और बंदरगाहों पर जमा माल के बोझ को कम करना है।

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