पाकिस्तान एयर फोर्स ने शनिवार को अपने देश में बनाए गए तैमूर वेपन सिस्टम का सफल परिक्षण किया है । यह एक एयर-लॉन्च्ड क्रूज मिसाइल है, जिसकी मारक दूरी करीब 600 किलोमीटर बताई जा रही है। इस बारे में पाकिस्तान ने एक आधिकारिक बयान जारी किया गया। बयान में कहा गया कि यह परीक्षण पाकिस्तान के एयरोस्पेस और रक्षा कार्यक्रम के लिए एक अहम कदम है।
आधिकारिक बयान में पाकिस्तान ने दावा किया है कि, तैमूर एयर-लॉन्च्ड क्रूज़ मिसाइल करीब 600 किलोमीटर की दूरी तक जमीन और समुद्र में मौजूद ठिकानों को पारंपरिक वारहेड के साथ निशाना बना सकती है। बयान के मुताबिक, इस मिसाइल में आधुनिक नेविगेशन और गाइडेंस सिस्टम लगाए गए हैं। इसे बहुत कम ऊंचाई पर उड़ने के लिए तैयार किया गया है, जिससे यह हवाई और मिसाइल डिफेंस सिस्टम से बचते हुए अपने लक्ष्य तक पहुंच सकती है।
पाकिस्तान के दावे के मुताबिक, इस मिसाइल से पाकिस्तान एयर फोर्स की पारंपरिक सैन्य ताकत और ऑपरेशन करने की क्षमता में बड़ा इजाफा हुआ है। इससे देश की कुल रक्षा स्थिति पहले से ज़्यादा मज़बूत हुई है। पाकिस्तान का दावा है कि तैमूर मिसाइल 600 किलोमीटर तक मारक क्षमता रखती है। 250 किलोमीटर तक सटीक प्रिसिशन अटैक करने में सक्षम है।
पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा साइट्स का कहना है कि तैमूर मिसाइल भारत के S-400 एयर डिफेंस सिस्टम को भी भेद सकती है, लेकिन यह दावा सिर्फ झूठा प्रचार है। S-400 को खासतौर पर लो-फ्लाइंग क्रूज मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। भारत ने सिर्फ S-400 पर निर्भरता नहीं रखी है, बल्कि Akash-NG, Barak-8, QRSAM और DRDO की बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस के साथ मल्टी लेयर्ड एयर डिफेंस सिस्टम बनाया है। ऐसे में तैमूर भारत के सुरक्षा कवच को भेद नहीं सकती। पाकिस्तान ने जो गेमचेंजर की थ्योरी फैलाई है, वह सिर्फ मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की रणनीति है।