Water Crisis in Pakistan: बकरीद पर बूंद-बूंद पानी को तरसा पाकिस्तान! सबसे बड़े शहर कराची में भारी जल संकट, सिंधु जल समझौता रद्द होने से हाहाकार?

Water Crisis in Pakistan: पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची की लगभग 70 प्रतिशत आबादी पानी के संकट से प्रभावित है। विशेषज्ञों का कहना है कि शहर में बढ़ती आबादी, पुरानी पाइपलाइनें, पानी की चोरी, लीकेज और जल परियोजनाओं में देरी इस संकट के प्रमुख कारण हैं

अपडेटेड May 30, 2026 पर 11:39 AM
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Water Crisis in Pakistan: पाकिस्तान का सबसे बड़ा शहर कराची भीषण जल संकट का सामना कर रहा है

Water Crisis in Pakistan: पाकिस्तान का सबसे बड़ा शहर कराची इन दिनों गंभीर पानी की कमी से जूझ रहा है। कराची के कई इलाकों में पिछले दो सप्ताह से पानी की आपूर्ति प्रभावित है। इससे लाखों लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए महंगे पानी के टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, कराची की लगभग 70 प्रतिशत आबादी पानी नहीं आने से प्रभावित है।

विशेषज्ञों का कहना है कि शहर में बढ़ती आबादी, पुरानी पाइपलाइनें, पानी की चोरी, लीकेज और जल परियोजनाओं में देरी इस संकट के प्रमुख कारण हैं। इस मुद्दे पर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। 'ARY न्यूज' के अनुसार, जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख हाफिज नईम-उर-रहमान ने सिंध की सत्तारूढ़ पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) सरकार पर आरोप लगाया है कि वह वर्षों से कराची की पानी की समस्या का समाधान नहीं कर पाई है।

बता दें कि भारत-पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को लेकर तनाव बना हुआ है। लेकिन कराची की मौजूदा पानी की समस्या का मुख्य कारण स्थानीय जल प्रबंधन और बुनियादी ढांचे की कमजोरियां मानी जा रही हैं।


कराची की 70 फीसदी जनता परेशान

रिपोर्टों के मुताबिक, कराची की करीब 70 प्रतिशत आबादी पानी की कमी से प्रभावित है। गुलिस्तान-ए-जौहर, गुलशन-ए-इकबाल, नॉर्थ कराची और नाजिमाबाद समेत कई क्षेत्रों में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस रिपोर्ट के आधार पर कराची की मौजूदा जल-संकट की मुख्य वजहें स्थानीय और संरचनात्मक समस्याएं हैं, न कि सीधे तौर पर इंडस वॉटर्स ट्रीटी (IWT) का निलंबन...।

बकरीद के जश्न के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए जमात-ए-इस्लामी (JI) के प्रमुख हाफिज नईम ने सवाल उठाया कि कराची का पानी का संकट अब तक हल क्यों नहीं हुआ है। उन्होंने इसे 'खराब शासन' और 'सार्वजनिक सेवाओं की अपर्याप्त डिलीवरी' बताते हुए इसकी आलोचना की।

जल संकट के मुख्य कारण जो रिपोर्ट में बताए गए हैं:-

तेजी से बढ़ती आबादी

पुरानी और जर्जर जल-आपूर्ति व्यवस्था

पाइपलाइन लीकेज और वितरण में भारी नुकसान

अवैध कनेक्शन और अवैध हाइड्रेंट

K-IV जैसी जल-परियोजनाओं में लगातार देरी

शहर की मांग और उपलब्ध आपूर्ति के बीच लगभग 400 मिलियन गैलन प्रतिदिन का अंतर

क्या इंडस वॉटर्स ट्रीटी का निलंबन स्थिति को और खराब कर सकता है?

अल्पकाल में कराची की वर्तमान पानी की कमी का सीधा कारण यह नहीं दिखता।

कराची का संकट कई वर्षों से चला आ रहा है। रिपोर्ट में वर्णित समस्याएं स्थानीय प्रशासन, इंफ्रास्ट्रक्चर और वाटर मैनेजमेंट से जुड़ी हैं।

इसलिए ट्रीटी का मुद्दा राष्ट्रीय जल-सुरक्षा के स्तर पर महत्वपूर्ण है। लेकिन कराची की तत्काल जल-किल्लत का प्रमुख कारण नहीं माना जा सकता।

पाइपलाइनों में रिसाव, अवैध हाइड्रेंट और निजी पानी के टैंकरों के बढ़ते नेटवर्क ने इस स्थिति को और भी बदतर बना दिया है।

कराची के लाखों निवासियों के लिए, साफ और भरोसेमंद पानी तक पहुंच पाना आज भी रोजमर्रा का संघर्ष बना हुआ है।

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