पाकिस्तानी सेना के मेजर तौसीफ को टारगेट किया और घात लगाकर मार डाला! 10 सैनिक भी मारे, बलोचों के इस हमले से सब भौंचक!

Balochistan Ablaze: यह घटना तब हुई जब पाकिस्तानी सेना कथित तौर पर इस इलाके में एक इंटेलिजेंस-बेस्ड ऑपरेशन (IBO) चला रही थी। पाकिस्तानी सेना के ऑपरेशन का BLA लड़ाकों ने पूरी ताकत से जवाबी हमला किया। सूत्रों ने बताया कि इसके चलते दोनों तरफ से काफी देर तक और जोरदार गोलीबारी हुई।

अपडेटेड May 14, 2026 पर 8:19 AM
Story continues below Advertisement
Balochistan Ablaze: बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर एक बड़ा हमला किया है

Balochistan Ablaze: बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने दावा किया है कि उसने पूरे बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर कई हमले किए। इनमें पाकिस्तानी सेना के मेजर और 10 सैनिकों की मौत हो गई। CNN-News18 के मुताबिक, बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया है। सुरक्षा और भारतीय खुफिया सूत्रों से मिली खास जानकारी के मुताबिक, चमालंग इलाके में हुई एक भीषण मुठभेड़ में कम से कम 11 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी मारे गए, जिनमें एक ऊंचे ओहदे का मेजर भी शामिल था।

यह घटना तब हुई जब पाकिस्तानी सेना कथित तौर पर इस इलाके में एक इंटेलिजेंस-बेस्ड ऑपरेशन (IBO) चला रही थी। पाकिस्तानी सेना के ऑपरेशन का BLA लड़ाकों ने पूरी ताकत से जवाबी हमला किया। सूत्रों ने बताया कि इसके चलते दोनों तरफ से काफी देर तक और जोरदार गोलीबारी हुई। BLA के हमले का मुख्य निशाना मेजर तौसीफ थे। वे पाकिस्तानी सेना में मेजर रैंक के अधिकारी थे। वह कथित तौर पर मौके पर ही मारे गए।

खुफिया सूत्रों के मुताबिक, उनके साथ कम से कम 10 अन्य सुरक्षाकर्मी भी मारे गए। BLA ने सुनियोजित घात लगाकर और इलाके की भौगोलिक जानकारी का बेहतर इस्तेमाल करके आगे बढ़ रही पाकिस्तानी सेना को घेर लिया था। स्थानीय मीडिया के अनुसार, BLF के प्रवक्ता मेजर ग्वाहरम बलूच ने मीडिया को जारी बयान में कहा कि 10 मई को संगठन के लड़ाकों ने सुराब जिले के बैंचा इलाके में पाकिस्तानी सेना के एक काफिले पर घात लगाकर हमला किया।


उन्होंने कहा कि यह काफिला सैन्य कैंपों के बीच जा रहा था, तभी उस पर रॉकेट, लाइट मशीन गन और दूसरे ऑटोमैटिक हथियारों से हमला किया गया। बलूच ग्रुप का दावा है कि इस हमले में सेना की दो गाड़ियों को भारी नुकसान पहुंचा। जबकि 10 सैनिक मारे गए और चार घायल हुए।

'द बलूचिस्तान पोस्ट' की रिपोर्ट के अनुसार, प्रवक्ता ने कहा कि पास की एक चौकी से सुरक्षा बलों के जवान थोड़ी देर बाद मौके पर पहुंचे। लेकिन बीएलएफ लड़ाकों के साथ आगे हुई झड़प के बाद उन्हें पीछे हटना पड़ा। इसी दिन हुए एक दूसरे हमले में बीएलएफ ने दावा किया कि उसने खारान जिले के तगाजी इलाके में मुख्य पुल पर मौजूद पाकिस्तान की फ्रंटियर कॉर्प्स (एफसी) की चौकी को निशाना बनाया।

समूह के मुताबिक, रॉकेट, ग्रेनेड लॉन्चर और ऑटोमैटिक हथियारों से किए गए इस हमले में एफसी के दो जवान मारे गए और तीन घायल हुए। बीएलएफ ने यह भी दावा किया कि सात मई को उसके लड़ाकों ने कोलवाह के मलार डंब इलाके में एक कम्युनिकेशन टावर को निशाना बनाया, जिसमें निगरानी के उपकरण लगे हुए थे। संगठन के अनुसार, टावर को बंद कर दिया गया और उससे जुड़ी मशीनों में आग लगा दी गई।

इसके अलावा बीएलएफ ने कहा कि 6 मई को उसके लड़ाकों ने मस्तुंग में पुलिस की ईगल फोर्स की एक गश्ती टीम को रोका, कुछ समय के लिए पुलिसकर्मियों को हिरासत में लिया। उनकी एक कलाश्निकोव राइफल भी अपने कब्जे में ले ली। दूसरी तरफ, बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (बीआरजी) ने भी बलूचिस्तान के नसीराबाद जिले में बिजली ढांचे पर किए गए हमले की जिम्मेदारी ली है।

ये भी पढ़ें- Maharashtra News: ...तो क्या अब बिना मराठी जाने मुंबई में नहीं कर पाएंगे काम धंधा? नए आदेश से बढ़ सकती है मुश्किलें

बीआरजी के प्रवक्ता दोस्तैन बलोच ने बयान में कहा कि संगठन के लड़ाकों ने मीरवाह इलाके में दो बिजली ट्रांसमिशन टावरों पर विस्फोटक लगाए थे। ये टावर उच्छ पावर प्लांट से क्वेटा तक बिजली पहुंचाते थे। विस्फोट के कारण दो टावर पूरी तरह तबाह हो गए और दो अन्य को भारी नुकसान पहुंचा। बीआरजी ने कहा कि 'बलूचिस्तान की आजादी' तक उनके अभियान जारी रहेंगे।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।