Trump Killing Conspiracy: अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जो बाइडेन समेत बड़े नेताओं की हत्या की साजिश रचने के आरोपी पाकिस्तानी बिजनेसमैन आसिफ मर्चेंट ने अदालत में चौंकाने वाली गवाही दी है। मर्चेंट ने दावा किया है कि उसे इस काम के लिए मजबूर किया गया था और उसके पीछे ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का हाथ था। अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच इस नए दावे ने आग में घी डालने का काम किया है।
निशाने पर थे ट्रंप, बाइडेन और निक्की हेली
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, आसिफ मर्चेंट के पास तीन बड़े राजनेताओं को खत्म करने का 'हिट जॉब' था। उसका मुख्य टारगेट वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन और पूर्व संयुक्त राष्ट्र दूत निक्की हेली थे। यह साजिश कथित तौर पर 2020 में अमेरिका द्वारा ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या का बदला लेने के लिए रची गई थी।
ईरानी जासूसों ने बनाया 'मोहरा'
मर्चेंट ने अदालत को बताया कि वह अपनी मर्जी से यह सब नहीं कर रहा था। उसने गवाही दी कि तेहरान में रहने वाले उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई थी। मर्चेंट की दो पत्नियां और पांच बच्चे हैं। उसका एक परिवार पाकिस्तान में और दूसरा ईरान में है। मर्चेंट ने अपने हैंडलर का नाम मेहरदाद यूसुफ बताया, जो IRGC का सदस्य था। यूसुफ ने मर्चेंट के घर जाकर उसे हथियार दिखाया था और उसे अमेरिका जाकर 'किसी की हत्या करने' का आदेश दिया था।
हॉलीवुड फिल्म जैसी थी साजिश
आसिफ मर्चेंट एक पूर्व बैंकर है जिसका केले का बिजनेस फेल हो गया था। उसकी साजिश में कई चरण शामिल थे। उसे अमेरिका में शूटर किराए पर लेने के लिए भेजा गया था। हत्या के अलावा उसे सरकारी दस्तावेज चुराने का काम भी दिया गया था। साजिश का एक हिस्सा विरोध प्रदर्शन आयोजित करना भी था ताकि ध्यान भटकाया जा सके। मर्चेंट जिन लोगों को 'हिटमैन' समझकर 5,000 डॉलर एडवांस दे रहा था, वे दरअसल अंडरकवर FBI एजेंट्स थे। उसे जुलाई 2024 में गिरफ्तार कर लिया गया था।
'मैंने उसे पहले ही खत्म कर दिया'
रविवार को एबीसी न्यूज से बात करते हुए ट्रंप ने ईरान पर किए गए हमलों और खामेनेई की मौत का जिक्र करते हुए कहा, 'इससे पहले कि वह मुझे खत्म कर पाता, मैंने उसे खत्म कर दिया।' ट्रंप ने ईरान पर अपने हमलों को इन साजिशों के खिलाफ एक बचाव के रूप में पेश किया है।
मर्चेंट ने खुद अदालत में माना कि उसे पता था कि इस योजना के सफल होने की संभावना बहुत कम थी। फिलहाल उस पर आतंकवाद और 'मर्डर-फॉर-हायर' (सुपारी देकर हत्या) के आरोप में मुकदमा चल रहा है। इस खुलासे ने मिडिल ईस्ट में पहले से जारी युद्ध की आग में घी डालने का काम किया है।